रायपुर, 03 सितंबर। छत्तीसगढ़ की वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन और गैर-उत्पादक खर्चों के कारण पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश पर करीब 1.79 लाख करोड़ रुपये का कर्ज बढ़ गया है।
श्री शुक्ला ने आज यहां जारी बयान में कहा कि इस अवधि में सरकार ने ऐसा कोई बड़ा नया निर्माण कार्य या ठोस योजना शुरू नहीं की, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिल सके। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सिंचाई, शैक्षणिक और औद्योगिक परियोजनाओं के साथ-साथ बड़े पैमाने पर नई सड़कों के निर्माण का भी अभाव रहा है। इसके बावजूद राज्य के कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता गया।
अलग-अलग वर्षों में कर्ज लेने का दावा
कांग्रेस नेता ने सरकार द्वारा लिए गए कर्ज का ब्यौरा देते हुए कहा कि वर्ष 2024 की शुरुआत में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2024-25 में 33,463 करोड़ रुपये और 2025-26 में 36,737 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया। उनका दावा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक सरकार करीब 40 हजार करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है।
श्री शुक्ला ने कहा कि धान खरीदी और अन्य योजना आधारित ऋण को अलग रखने के बावजूद सरकार पर कर्ज का भारी बोझ बढ़ा है। उनके अनुसार, इस कर्ज की ब्याज अदायगी पर राज्य सरकार को हर वर्ष करीब 9 हजार करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भी उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने सरकार की राजस्व नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पेट्रोलियम पदार्थों पर वैट वसूल रही है, जबकि बिजली की दरों में करीब 33 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली उपभोक्ताओं को मिलने वाली छूट भी बंद की गई है।
श्री शुक्ला ने कहा कि जमीनों की रजिस्ट्री में पूर्व में दी जा रही 30 प्रतिशत की छूट समाप्त कर दी गई और भूमि की गाइडलाइन दरों में भी भारी वृद्धि की गई। उन्होंने शराब की बिक्री बढ़ने का दावा करते हुए कहा कि सरकार की ओर से राजस्व बढ़ाने के कई उपाय किए जाने के बावजूद राज्य के कर्ज में लगातार वृद्धि होना चिंता का विषय है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय संचालित करीब 20 जनकल्याणकारी योजनाओं को बंद कर दिया गया। कांग्रेस नेता के मुताबिक, योजनाओं में कटौती और विभिन्न माध्यमों से राजस्व बढ़ाने के बावजूद कर्ज का बढ़ना सरकार की आर्थिक नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
नीति आयोग की रिपोर्ट का भी हवाला
श्री शुक्ला ने अपने आरोपों के समर्थन में नीति आयोग की कथित ‘वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक रिपोर्ट’ का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि देश के 18 राज्यों की वित्तीय स्थिति से संबंधित रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ 17वें स्थान पर है।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि राज्य का राजकोषीय घाटा निर्धारित लक्ष्य 2.99 प्रतिशत से बढ़कर 5.32 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर सामने आए ये आंकड़े प्रदेश के विकास के लिए चिंताजनक हैं।




