रायपुर, 8 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को विकास कार्यों की नियमित निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए।उन्होने कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत योजनाओं और निर्माण कार्यों का वास्तविक लाभ समय पर नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने काम में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
38 नगरीय निकायों में बन रहे नालंदा परिसर
मुख्यमंत्री ने युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें 31 कार्य प्रगतिरत हैं। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में तेजी लाकर इन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति की भी जानकारी ली।
नागरिक सुविधाओं के साथ सुनियोजित विकास पर जोर
नगरोत्थान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने शहरों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर अधोसंरचना विकसित करने के निर्देश दिए। योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में सड़क चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसे यातायात संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।
‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है। मुख्यमंत्री ने पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में रायपुर छठे स्थान पर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश में छठा स्थान प्राप्त किया है। राज्य स्तरीय वार्ड रैंकिंग में रायपुर के वार्ड क्रमांक 46 और 30 ने भी अपनी-अपनी आबादी श्रेणी में स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विभाग और नगर निगम की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर के साथ स्वस्थ शहरी जीवन के लिए हरित क्षेत्र भी जरूरी हैं। कम वृक्षों वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण और वार्डों में उद्यान विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने प्रत्येक नगरीय निकाय में शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन और अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में काम करने को कहा।
पात्र हितग्राहियों को जल्द मिले प्रधानमंत्री आवास
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की समीक्षा करते हुए स्वीकृत आवासों, निर्माण, आवंटन और व्यवस्थापन की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को आवासों के आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि पात्र परिवारों को जल्द पक्के मकान का लाभ मिल सके।
रायपुर समेत चार शहरों में चलेंगी 240 ई-बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें संचालित करने की तैयारी की जा रही है। आवश्यक अधोसंरचना का काम मार्च 2027 से पहले पूरा कर ई-बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित निर्माण एवं अधोसंरचना कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसों से नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन के साथ पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
शिकायतों के त्वरित निराकरण और राजस्व बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों और उनके निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण और नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की भी जानकारी ली। निकायों को बिजली बिलों का नियमित मासिक भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजस्व एवं कर संग्रह बढ़ाने पर जोर दिया गया। बेहतर कर संग्रह करने वाले निकायों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने की व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।
अमृत मिशन की धीमी प्रगति पर नाराजगी
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने को प्राथमिकता देने और लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया। इसके अलावा स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन के कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
आठ निकायों में 800 करोड़ से बनेंगे सीबीजी प्लांट
अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराने की योजना के तहत प्रदेश के आठ नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं का असर धरातल पर स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। उन्होंने सभी स्वीकृत कार्यों की नियमित समीक्षा, निर्माण गुणवत्ता की निगरानी और निर्धारित समय-सीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




