रायपुर, 17 सितंबर। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर में 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन में स्थानीय निकाय चुनावों को सुगम, निष्पक्ष, तकनीक आधारित और समयबद्ध बनाने के लिए राज्यों के बीच तकनीकी संसाधनों, चुनावी डेटाबेस और ईवीएम के साझा उपयोग तथा बेहतर चुनावी प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान पर चर्चा की गई।
बैठक में स्थायी समिति की तीन उप-समितियों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। विभिन्न राज्यों में लागू ऑनलाइन व्यवस्थाओं और तकनीकी पहलों को साझा करने पर जोर दिया गया, ताकि उपयोगी व्यवस्थाओं को दूसरे राज्यों में भी अपनाया जा सके। जरूरत पड़ने पर राज्यों के बीच ईवीएम साझा करने के लिए ‘ईवीएम प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर’ विकसित करने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ। इस सॉफ्टवेयर की जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग संभाल रहा है।
बैठक में गुजरात और महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा सुझाए गए राज्यों के बीच चुनावी डेटाबेस साझा करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग के प्रस्ताव के तहत आवश्यकता के समय राज्यों को एम-3 मॉडल ईवीएम उपलब्ध कराने और साझा उपयोग की व्यवस्था पर भी विचार किया गया। इसके अलावा चुनावी नवाचारों और सफल प्रक्रियाओं को समझने के लिए राज्यों के बीच जानकारी साझा करने तथा अध्ययन दौरों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’ विषय पर प्रस्तावित आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए पुणे को संभावित स्थल के रूप में तय किया गया। बैठक में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार ने नवा रायपुर के विकास और आधुनिक स्वरूप पर प्रस्तुति दी।
बैठक के बाद विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण किया। उन्होंने विधानसभा परिसर में विधायी कार्यप्रणाली और सदन संचालन की व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद नवा रायपुर के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक से जुड़ी विकसित हो रही सुविधाओं का अवलोकन किया।
निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का भी भ्रमण किया। देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम के रूप में प्रस्तुत इस संग्रहालय में उन्होंने डिजिटल माध्यमों से छत्तीसगढ़ के आदिवासी आंदोलनों और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी ली। भ्रमण के अंत में उन्होंने संग्रहालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां देखीं।




