लखनऊ, 19 सितंबर। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में नौकरी, निवेश और रोजगार की वास्तविक स्थिति कमजोर है और ये चीजें केवल अखबारों के विज्ञापनों में दिखाई दे रही हैं।
सपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में न नौकरी है और न निवेश आया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हाल में प्रकाशित एक बड़े विज्ञापन को देखकर ऐसा लगता है जैसे उत्तर प्रदेश में कोई बेरोजगार ही नहीं बचा है।
अखिलेश की यह टिप्पणी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगले छह महीने में प्रदेश में एक लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को यूपीपीएससी और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में पारदर्शी प्रक्रिया के तहत करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।
सपा अध्यक्ष ने आगामी चुनावी राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि यह नए तरह का चुनाव है और पार्टी को जमीन के साथ-साथ डिजिटल मंच पर भी मजबूती से अपनी बात रखनी होगी। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ताओं को लगातार प्रभावी कंटेंट तैयार करना चाहिए। इस दौरान पार्टी की ओर से तैयार एक वीडियो भी संवाददाता सम्मेलन में दिखाया गया।
अखिलेश यादव ने सपा के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई की गिरफ्तारी और रायबरेली में 17 सितंबर को सपा छात्र सभा के कार्यक्रम में हुए कथित विवाद का उल्लेख करते हुए भाजपा समर्थकों पर कार्यक्रम में बाधा डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस की भूमिका भी निष्पक्ष नहीं रही।
उन्होंने संतकबीरनगर में सपा सांसद लक्ष्मीकांत निषाद के वाहन पर पथराव का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा और सम्मान नहीं दिया गया। अखिलेश ने दावा किया कि पीडीए से जुड़े लोगों को डराने-धमकाने और झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष और विरोधियों की छवि खराब करने के लिए बड़े पैमाने पर नकारात्मक प्रचार किया है। उन्होंने कहा कि सपा कार्यकर्ता इसका जवाब जमीन और सोशल मीडिया दोनों स्तरों पर देंगे।
प्रदेश में डिजिटल पुस्तकालयों को लेकर भी उन्होंने सरकार के दावे पर सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि सरकार 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित होने की बात कह रही है, लेकिन कई स्थानों पर पुस्तकालयों में किताबें और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने नोएडा की एक लाइब्रेरी का उदाहरण देते हुए वहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने का दावा किया।
इस बीच कार्यक्रम में बांदा के पूर्व विधायक पुरुषोत्तम नरेश द्विवेदी के पुत्र मयंक द्विवेदी, श्रावस्ती के नंद किशोर गिरि, पूर्व चेयरमैन जितेंद्र गुप्ता और कानपुर देहात के जुनैद समेत कई नेताओं ने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।




