चेन्नई, 19 सितंबर। तमिलनाडु सरकार सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं के सम्मान और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लोगों का भरोसा बढ़ाने के उद्देश्य से नई कल्याणकारी योजना शुरू करने जा रही है।
मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय 28 सितंबर को ‘थाईमामन गोल्ड रिंग योजना’ का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। योजना के तहत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक पात्र बच्चे को एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में योजना के शुभारंभ और इसके प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को योजना के तहत पात्र नवजात शिशुओं तक लाभ पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सरकार के अनुसार, तमिलनाडु में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। गर्भवती महिलाओं को वित्तीय सहायता, मुफ्त प्रसव, नवजात शिशु देखभाल, आपातकालीन प्रसूति उपचार, पोषण सहायता तथा संस्थागत प्रसव के लिए अग्रिम योजना जैसी कई पहल संचालित की जा रही हैं।
गत 22 जून 2026 या उसके बाद सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चे इस योजना के दायरे में आएंगे। योजना को अधिकृत करने वाला सरकारी आदेश 23 जून को जारी किया गया था। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक तमिलनाडु में हर साल करीब 7.80 लाख जन्म दर्ज किए जाते हैं।
योजना का नाम और स्वरूप तमिल संस्कृति में ‘मामा’ यानी मातुल (मां के भाई) की पारंपरिक भूमिका से भी जुड़ा हुआ है। सरकार के अनुसार, नवजात शिशु को सोने की अंगूठी प्रदान करना इसी सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीकात्मक विस्तार है।




