अंबिकापुर, 19 सितम्बर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय ‘अग्र महाकुंभ-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने अग्रवाल समाज की उद्यमिता, परोपकार, दानशीलता और समाजसेवा की परंपरा की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति में समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। व्यापार और व्यवसाय से आगे बढ़कर अग्रवाल समाज के उद्यमियों ने उद्योग स्थापित करने, रोजगार पैदा करने और जनसेवा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने सामाजिक समानता, सहयोग, करुणा और सहभागिता पर आधारित समाज की कल्पना की थी। उनका विचार था कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिले और सक्षम लोग जरूरतमंदों का हाथ थामकर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ें। अग्रवाल समाज ने इन आदर्शों को पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपने व्यवहार और सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ाया है।
उन्होंने कहा कि अग्रवाल समाज की पहचान केवल व्यापारिक सफलता और उद्यमिता तक सीमित नहीं है। अर्थोपार्जन के साथ समाजसेवा और परमार्थ की भावना इसकी विशिष्ट पहचान रही है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य शिविर, धर्मशालाएं, शिक्षा एवं स्वास्थ्य संस्थान और अन्य जनसेवा गतिविधियां इसका उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौर में समाज की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि जब पूरा देश अभूतपूर्व संकट से गुजर रहा था, तब अग्रवाल समाज ने जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे बढ़कर काम किया। ऑक्सीजन की व्यवस्था, जरूरतमंद परिवारों तक राशन पहुंचाने और स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन जैसी गतिविधियों के माध्यम से समाज ने सेवाभाव का परिचय दिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ में सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में निवेश बढ़े, व्यापार और उद्योगों का विस्तार हो तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
उन्होंने कहा कि व्यापार एवं उद्योग जगत से जुड़े अग्रवाल समाज के अनुभवी लोगों के सुझाव शासन की नीतियों को अधिक व्यावहारिक और जनोपयोगी बनाने में मदद कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे उद्योगों, स्थानीय उत्पादों तथा मूल्य संवर्धित कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों को देश और विदेश के बड़े बाजारों से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि निर्यात को बढ़ावा मिलने से स्थानीय उद्यमियों के लिए नए बाजार खुलेंगे और छत्तीसगढ़ के उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने सरगुजा अंचल की आर्थिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में पर्यटन, कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।उन्होंने कहा कि पर्यटन को उद्योग का दर्जा मिलने के बाद होटल, होम-स्टे और पर्यटन सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में निवेश तथा रोजगार के नए अवसर विकसित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अग्रवाल समाज के अनुभवी उद्यमियों से सरगुजा की इन संभावनाओं से जुड़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में महिला शक्ति को विशेष स्थान दिए जाने की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के साथ व्यापार, शिक्षा, चिकित्सा, उद्योग, स्टार्टअप और समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व कर रही हैं।उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी परिवार और समाज के साथ प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई दिशा दे रही है।
मुख्यमंत्री ने अग्र महाकुंभ में स्वास्थ्य और योग को स्थान दिए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यापार और कार्य की व्यस्तता के बीच स्वास्थ्य की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ परिवार और स्वस्थ समाज का निर्माण होता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को ‘दशम अग्र अलंकरण’ से सम्मानित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रतिभाओं और उपलब्धि हासिल करने वालों का सम्मान नई पीढ़ी को भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन, अग्रवाल सभा अंबिकापुर और सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा सहित आयोजन से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों को अग्र महाकुंभ-2026 के आयोजन के लिए बधाई दी।




