रायपुर, 23 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवाओं में से एक है। रक्त की प्रत्येक यूनिट किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकती है।
श्री साय ने यह बात बुधवार को राजधानी के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर को संबोधित करते हुए कही।उन्होने राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस की शुभकामनाएं देते हुए रक्तदान, देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से प्रदेशभर में सेवा संकल्प अभियान के तहत जनसेवा और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान में रक्तदान के साथ जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी एकत्र करने जैसी पहल भी शामिल हैं।
रक्तदान महाकुंभ में महिलाओं की विशेष भागीदारी रही। आयोजन के लिए 3600 से अधिक महिलाओं ने पंजीयन कराया था और रक्तदान के लिए 200 बेड की व्यवस्था की गई थी। एक ही दिन में 1000 से अधिक महिलाओं द्वारा रक्तदान करने की पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इस उपलब्धि पर गोल्डन बुक के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को प्रमाणपत्र और मेडल प्रदान किया। आयोजन में करीब 2500 यूनिट रक्तदान का लक्ष्य रखा गया था।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रक्तदान का महत्व किसी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। प्रत्येक रक्तदाता मानव सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों से रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत देहदान और अंगदान का संकल्प लेने वाले नागरिकों की भी सराहना की। कार्यक्रम में 31 लोगों ने देहदान का संकल्प लिया, जिनमें पद्मश्री एवं धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी शामिल हैं। इसके साथ ही प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अब तक देहदान का संकल्प लेने वालों की संख्या 103 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहदान चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि अंगदान जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयुर्वेद, योग और भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा दे रही है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत कार्यक्रम स्थल पर जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तक, खिलौने और स्टेशनरी संग्रह के केंद्र भी बनाए गए थे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न गतिविधियों और आयुर्वेद से जुड़े स्टॉलों का अवलोकन किया तथा आयोजकों एवं प्रतिभागियों से चर्चा की।




