रायपुर, 24 सितम्बर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार क्षमता और सेवा भावना को सही दिशा देकर समाज और राष्ट्र में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) युवाओं में सेवा, अनुशासन, नेतृत्व, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
मुख्यमंत्री साय गुरुवार को राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य स्तरीय स्थापना दिवस एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने एनएसएस के सभी स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को सम्मानित किया। समारोह का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग के राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसएस देश के लाखों युवाओं को समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने वाला व्यापक अभियान बन चुका है। एनएसएस से जुड़ने वाला युवा केवल गतिविधियों में भाग नहीं लेता, बल्कि समाज और आसपास की परिस्थितियों को संवेदनशीलता से समझना भी सीखता है। लोगों की समस्याओं को समझना, जिम्मेदारी लेना, टीम के साथ काम करना और समाधान के लिए स्वयं आगे बढ़ना ऐसे संस्कार हैं, जो युवाओं को जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि सेवा के किसी भी कार्य को छोटा नहीं समझना चाहिए। गांव में स्वच्छता की पहल, जरूरतमंद के लिए रक्तदान, पौधरोपण एवं उसकी देखभाल, जल संरक्षण के प्रति जागरूकता अथवा नशे से दूर रहने के लिए किसी व्यक्ति को प्रेरित करना जैसे छोटे प्रयास भी बड़े सामाजिक बदलाव की नींव बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से प्रदेश में चल रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस और सेवा संकल्प अभियान की मूल भावना एक ही है—सेवा के लिए स्वयं आगे आना और समाज को भी सेवा कार्यों से जोड़ना।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सामर्थ्य यहां के युवा हैं। राज्य सरकार युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप शिक्षा, शासकीय सेवा, रोजगार, उद्यमिता, खेल और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में अवसरों का विस्तार कर रही है।
उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं के प्रति युवाओं का भरोसा मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल का गठन किया गया है। भर्ती परीक्षाओं में नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि योग्य युवाओं को उनकी मेहनत और प्रतिभा के आधार पर अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में निवेश के साथ रोजगार सृजन को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों में छत्तीसगढ़ को 8 लाख 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और अनेक परियोजनाओं पर धरातल में काम भी शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक संसाधन और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जनजातीय युवाओं के लिए दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट कर दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल, उद्यमिता और सेवा के क्षेत्र में पर्याप्त अवसर मिलें तथा वे अपनी प्रतिभा का उपयोग प्रदेश और देश के विकास में कर सकें।




