आइची-नागोया, 26 सितंबर। एशियन गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। शनिवार को कबड्डी में भारत ने ऐतिहासिक गोल्डन डबल हासिल करते हुए पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिला टीम ने रोमांचक फाइनल में ईरान को 37-34 से हराया, जबकि पुरुष टीम ने भी ईरान को 40-34 से मात देकर स्वर्ण पदक जीता। पुरुष टीम की जीत के साथ भारत ने इस एशियाई खेलों में अपना चौथा स्वर्ण पदक हासिल कर लिया।
महिला कबड्डी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना अभियान अजेय रहते हुए पूरा किया। फाइनल में भारतीय टीम ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और मध्यांतर तक 22-16 की बढ़त बना ली थी। हालांकि दूसरे हाफ में ईरान ने जोरदार वापसी की और मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने निर्णायक क्षणों में संयम बनाए रखते हुए 37-34 से जीत दर्ज की। यह महिला कबड्डी में भारत का चौथा एशियाई खेल स्वर्ण पदक है।
इसके बाद पुरुष टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 40-34 से पराजित किया। मुकाबले के पहले हाफ में ईरान ने 18-17 की बढ़त बनाई थी, लेकिन दूसरे हाफ में भारतीय रक्षापंक्ति ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए मैच का रुख पलट दिया। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष कबड्डी में अपना एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा।
कबड्डी के अलावा एथलेटिक्स में भी भारत के लिए पदक आया। सावन बरवाल ने पुरुषों की मैराथन में 2:11:37 के समय के साथ रजत पदक जीतकर भारत के लिए इस स्पर्धा में लंबे अंतराल के बाद बड़ी उपलब्धि हासिल की। वहीं तजिंदरपाल सिंह तूर ने पुरुषों के शॉट पुट में रजत पदक अपने नाम किया। एथलेटिक्स में अनिमेष कुजूर ने पुरुषों की 200 मीटर स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई है। डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने हाई जंप में पहली कोशिश में 2.00 मीटर की ऊंचाई पार कर अपने अभियान की मजबूत शुरुआत की।
निशानेबाजी में तिलोत्तमा सेन, विदर्शा विनोद और आशी चौकसे की भारतीय तिकड़ी ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। इससे निशानेबाजी में भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूती मिली।
स्क्वैश में भी भारत की झोली में पदक आया। जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने मिश्रित युगल में कांस्य पदक जीता। वहीं युवा भारतीय खिलाड़ी अनाहत सिंह महिला एकल के फाइनल में पहुंच गई हैं, जिससे इस स्पर्धा में भारत का एक और पदक सुनिश्चित हो गया है। इस तरह 26 सितंबर का दिन भारतीय दल के लिए बेहद सफल रहा। विशेष रूप से कबड्डी में दोनों स्वर्ण पदकों ने भारत के अभियान को नई मजबूती दी है। एशियन गेम्स में कबड्डी भारत के पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों में शामिल रही है और 2026 में पुरुष तथा महिला दोनों टीमों की खिताबी जीत ने इस प्रभुत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है।




