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उत्तर प्रदेश में बारिश-आंधी का कहर: 15 लोगों की मौत

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लखनऊ, 26 सितंबर। उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी ने प्रदेश के बड़े हिस्से में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से प्रदेश में 15 लोगों की मौत और पांच लोगों के घायल होने की सूचना है। इस दौरान चार पशुओं की भी मौत हुई है, जबकि बारिश और तेज हवाओं के कारण 117 मकानों को नुकसान पहुंचा है।

      प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना अधिक बारिश दर्ज किए जाने से कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। निचले इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों, दीवारों और पेड़ों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।

11 जिलों में 15 मौतें

      राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार बारिश और आंधी से संबंधित घटनाओं में लखीमपुर खीरी में चार, अयोध्या में दो तथा अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है। अधिकांश मौतें मकान या दीवार गिरने तथा आंधी के दौरान हुए हादसों के कारण हुई हैं।

       हरदोई में बारिश के दौरान पेड़ मकान पर गिरने से 11 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। इस घटना में छह लोगों के घायल होने की भी सूचना है। एक अन्य घटना में कच्ची दीवार गिरने से चार भैंसों की मौत हुई।

       गोंडा में भी तेज हवा और बारिश के दौरान पेड़ गिरने से दो लोगों की मौत तथा एक मकान पर पेड़ गिरने से चार लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है। जिले में बड़ी संख्या में पेड़ों के गिरने से आवागमन और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि अलग-अलग घटनाओं के आंकड़े अलग-अलग समय पर अपडेट होने के कारण जिलेवार संख्या में अंतर संभव है। अंतिम सरकारी आंकड़ा राहत आयुक्त कार्यालय के अद्यतन रिकॉर्ड के आधार पर ही माना जाएगा।

117 मकानों को नुकसान

        भारी बारिश और आंधी से प्रदेश में अब तक 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। इनमें बांदा में 32, जालौन में 21 और हरदोई में 14 मकान शामिल हैं। औरैया और पीलीभीत में सात-सात, जबकि बहराइच और सुल्तानपुर में पांच-पांच मकानों को नुकसान पहुंचा है।

       कई जिलों में कच्चे मकानों, दीवारों और छप्परों के गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। सुल्तानपुर में 43 मिलीमीटर बारिश के बाद कई पेड़ उखड़ गए और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा। कुछ परिवारों के सामने खुले में रहने की स्थिति पैदा हो गई। रायबरेली में भी कच्चा मकान ढहने की घटना सामने आई, हालांकि वहां किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

धान की फसल पर सबसे ज्यादा असर

       लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सबसे ज्यादा असर पकने के करीब पहुंच चुकी धान की फसल पर पड़ा है। लखनऊ के माल क्षेत्र में खेतों में खड़ी अधपकी धान की फसल तेज हवा और बारिश के कारण गिर गई। वहीं काटकर रखी गई फसल भी बारिश में भीग गई।

       गोंडा में धान और गन्ने की फसल में प्रारंभिक तौर पर 20 से 25 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया गया है। श्रावस्ती में धान की फसल में करीब 25 प्रतिशत और सब्जियों में करीब 50 प्रतिशत नुकसान का स्थानीय प्रारंभिक आकलन सामने आया है। बलरामपुर और सीतापुर में धान की फसल को करीब 10 से 15 प्रतिशत तथा अंबेडकरनगर में करीब 10 प्रतिशत नुकसान की सूचना है।

       हालांकि ये आंकड़े प्रारंभिक स्थानीय आकलन हैं और अंतिम कृषि क्षति का आकलन संबंधित विभागों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

   प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। स्थानीय स्तर पर क्षतिग्रस्त मकानों, फसलों और अन्य संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है। बारिश और तेज हवाओं के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने तथा क्षतिग्रस्त मकानों और पेड़ों के आसपास नहीं जाने की सलाह दी गई है।