रायपुर, 29 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति प्रदेश के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि कौशल, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाला बनना होगा। राज्य सरकार युवाओं के विचारों को नवाचार और सफल उद्यम में बदलने के लिए आवश्यक तकनीकी, वित्तीय और नीतिगत सहयोग उपलब्ध करा रही है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय ‘यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ में विद्यार्थियों, युवा नवाचारकर्ताओं और स्टार्टअप उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे।
श्री साय ने बताया कि युवाओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण योजना’ पर काम किया जा रहा है, जिसके लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने युवाओं से नई औद्योगिक नीति-2024 में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद प्रदेश को अब तक करीब 8.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ में पारंपरिक उद्योगों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल, ऊर्जा और अन्य उभरते क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ रही हैं। वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को लगभग 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे युवाओं, किसानों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों की भागीदारी से हासिल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कृषि और वन संपदा में वैल्यू एडिशन को युवाओं के लिए बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इमली, महुआ, सीताफल और औषधीय पौधों जैसी वनोपज के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से स्थानीय स्तर पर नए उद्यम और रोजगार पैदा किए जा सकते हैं। इसी तरह सुगंधित धान की किस्मों की प्रोसेसिंग और निर्यात से किसानों तथा कृषि आधारित स्टार्टअप्स को नए बाजार मिल सकते हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र युवाओं के विचारों को अनुसंधान से उत्पाद और सफल उद्यम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कॉन्क्लेव में एग्रीटेक, खाद्य प्रसंस्करण, जैव प्रौद्योगिकी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एआई, डीप-टेक, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण से जुड़े स्टार्टअप्स अपने नवाचार प्रदर्शित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से असफलता से न डरने और नए प्रयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि नया विचार तभी बदलाव का माध्यम बनता है, जब उसे कौशल, परिश्रम और उद्यमिता से जोड़ा जाए।




