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नंदराज पर्वत पर पेड़ कटाई की अनुमति का विरोध, बैज ने उठाए सवाल

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रायपुर, 3 अक्टूबर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बैलाडीला के नंदराज पर्वत क्षेत्र में खनन और पेड़ कटाई की अनुमति को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नंदराज पर्वत केवल लौह अयस्क का भंडार नहीं, बल्कि बस्तर के आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। ऐसे में यहां खनन गतिविधियों को आगे बढ़ाने का निर्णय आदिवासी समाज की भावनाओं और ग्रामसभा के अधिकारों की अनदेखी है।

     श्री बैज ने आज यहां जारी बयान में कहा कि नंदराज पर्वत को बस्तर के आदिवासी समाज में धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। सरकार को खनन गतिविधियों को प्राथमिकता देने के बजाय स्थानीय आदिवासी समाज की भावनाओं और ग्रामसभा के अधिकारों का सम्मान करना चाहिए।

      उन्होंने कहा कि नंदराज पर्वत के संबंध में पहले भी व्यापक आदिवासी आंदोलन हो चुका है। वर्ष 2019 में बैलाडीला के डिपॉजिट-13 में खनन के लिए ग्रामसभा की कथित सहमति और उससे संबंधित दस्तावेजों की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठे थे। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे और उत्खनन पर रोक लगाई थी।

      प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अब उसी संवेदनशील और विवादित विषय को दोबारा आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों में डिपॉजिट-13 क्षेत्र में करीब 7,200 पेड़ों की कटाई की अनुमति दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा खनन के लिए टेंडर प्रक्रिया और क्षेत्र से लौह अयस्क के नमूने लिए जाने की बात भी सामने आई है।

       श्री बैज ने सरकार से मांग की कि नंदराज पर्वत में खनन और पेड़ कटाई से संबंधित सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा की सहमति, पर्यावरणीय मंजूरियों, पेड़ कटाई की अनुमति और खनन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने से पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।