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कृषि नवाचार के लिए डॉ. राजाराम त्रिपाठी को एग्री-100 सम्मान

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बेंगलुरु/कोंडागांव, 4 अक्टूबर।बस्तर के डॉ. राजाराम त्रिपाठी को जैविक एवं टिकाऊ कृषि, कृषि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और किसान सशक्तीकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘एग्री-100’ कृषि नेतृत्व सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें कृषि क्षेत्र में प्रभावशाली कार्य करने वाले देश के 100 प्रमुख व्यक्तियों एवं संस्थाओं में शामिल किया गया है।

      यह सम्मान गत एक अक्टूबर को बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जिबिशन सेंटर (BIEC) में आयोजित प्रथम ‘एग्री-100’ सम्मान समारोह में प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कृषि जागरण और मेस्से म्यूनिख इंडिया के सहयोग से किया गया।

       डॉ. राजाराम त्रिपाठी मां दंतेश्वरी हर्बल समूह के संस्थापक और अखिल भारतीय किसान महासंघ (आईफा) के राष्ट्रीय संयोजक हैं। उन्होंने बस्तर की पारंपरिक कृषि एवं वनौषधीय ज्ञान को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया है।

       उनके प्रमुख नवाचारों में ‘मां दंतेश्वरी ब्लैक पेपर-16’ (MDBP-16) काली मिर्च की उन्नत किस्म और कम लागत वाली संरक्षित खेती के लिए विकसित ‘प्राकृतिक हरितगृह’ मॉडल शामिल हैं। उनका कृषि मॉडल रसायनमुक्त उत्पादन के साथ मिट्टी की उर्वरता, जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित है।

       डॉ. त्रिपाठी का चयन कृषि क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक योगदान और किसान-केंद्रित नवाचारों के आधार पर 58 सदस्यीय विशेषज्ञ निर्णायक मंडल की प्रक्रिया के बाद किया गया।

       सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. त्रिपाठी ने इसे बस्तर के किसानों, आदिवासी समुदायों और जैविक एवं प्रकृति आधारित खेती करने वाले किसानों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय कृषि का भविष्य ऐसी व्यवस्था में है, जिसमें किसान केवल उत्पादक न रहकर कृषि उद्यमी और प्रकृति के संरक्षक के रूप में आत्मनिर्भर बने।

        समारोह में कृषि, खाद्य सुरक्षा, विज्ञान, नीति, उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े देश-विदेश के विशेषज्ञ मौजूद रहे। आयोजन समिति के अनुसार, ‘एग्री-100’ का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय नेतृत्व, नवाचार और योगदान करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को राष्ट्रीय पहचान देना तथा नई पीढ़ी को कृषि नवाचार के लिए प्रेरित करना है।