नई दिल्ली, 08 अक्टूबर। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई प्रमुख नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। नेताओं ने नाना पाटेकर के पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर, दमदार अभिनय, प्रभावशाली संवाद अदायगी और समाजसेवा के प्रति उनके समर्पण को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपने संदेश में कहा कि नाना पाटेकर ने अपने प्रभावशाली और भावपूर्ण अभिनय से मानवीय अनुभवों के विभिन्न पहलुओं को जीवंत किया। उनके निभाए किरदारों ने लोगों के दिलों और दिमाग पर गहरी छाप छोड़ी। राष्ट्रपति ने कहा कि समाजसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता वंचित वर्गों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाती थी। उन्होंने दिवंगत अभिनेता के परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—हमेशा महसूस होगी कमी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनमें असाधारण ऊर्जा, अनूठापन और प्रभावशाली व्यक्तित्व था। उन्होंने अपने प्रत्येक किरदार में विविधता और रचनात्मकता का परिचय दिया। उनके कई किरदार आने वाली पीढ़ियों तक याद किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदी और मराठी सिनेमा में नाना पाटेकर का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है। उनके जाने से भारतीय सिनेमा में ऐसी कमी पैदा हुई है, जिसे भरना आसान नहीं होगा। उन्होंने अभिनेता के परिजनों, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राजनाथ सिंह ने बताया अपने आप में एक संस्था
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नाना पाटेकर के निधन को भारतीय सिनेमा की बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बहुत कम कलाकारों में नाना पाटेकर जैसी अभिनय क्षमता, विविधता और गहराई देखने को मिलती है। वे अपनी कॉमिक टाइमिंग से दर्शकों को हंसाने के साथ गंभीर भूमिकाओं से उन्हें सोचने पर मजबूर कर देते थे। ‘अंकुश’, ‘प्रहार’ और ‘क्रांतिवीर’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय ने अलग पहचान बनाई। राजनाथ सिंह के अनुसार, उनकी आवाज, संवाद अदायगी और पर्दे पर प्रभावशाली उपस्थिति उन्हें विशिष्ट बनाती थी। वे केवल अभिनेता नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे।
अमित शाह ने समाजसेवा को भी किया याद
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि नाना पाटेकर का निधन कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने पांच दशकों तक अपने सहज अभिनय और दमदार संवादों से दर्शकों के दिलों में विशेष स्थान बनाया। गंभीर सामाजिक विषयों से लेकर हास्य-व्यंग्य तक, उन्होंने हर तरह के किरदार को प्रभावशाली ढंग से निभाया।
शाह ने अभिनय के अलावा समाजसेवा में नाना पाटेकर के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से सूखा प्रभावित किसानों और उनके परिवारों की सहायता तथा सीमा पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाने जैसे कार्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचने के बावजूद नाना पाटेकर अपनी जड़ों से जुड़े रहे।
नितिन गडकरी ने जताया व्यक्तिगत दुख
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता के साथ उनके करीबी और दोस्ताना संबंध थे। अपनी दमदार अदाकारी के दम पर नाना पाटेकर ने पांच दशकों से अधिक समय तक हिंदी और मराठी सिनेमा में दर्शकों का दिल जीता। गडकरी ने उनके संवाद अदायगी के विशिष्ट अंदाज और ‘नाम फाउंडेशन’ के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र में जल संरक्षण, जल भंडारण तथा किसान परिवारों की मदद के लिए किए गए कार्यों को भी याद किया।
शिवराज चौहान ने कहा—दिल तक पहुंचती थी उनकी आवाज
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि उनकी आवाज, बोलने का अंदाज और चेहरे के भाव सीधे दिल तक पहुंचते थे। ‘क्रांतिवीर’ और ‘परिंदा’ जैसी फिल्मों में उनके गंभीर अभिनय ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया, जबकि ‘वेलकम’ में उदय शेट्टी के किरदार से उन्होंने लोगों को खूब हंसाया। चौहान ने कहा कि गंभीरता और हास्य को समान प्रभाव के साथ प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग बनाती थी।
जल संरक्षण और ग्रामीण विकास में भी योगदान
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि नाना पाटेकर ने हिंदी, मराठी और क्षेत्रीय सिनेमा में अपने सशक्त अभिनय से भारतीय फिल्म जगत को समृद्ध किया। उनके किरदार और अभिनय शैली लंबे समय तक याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर का योगदान सिनेमा तक सीमित नहीं था। जल संरक्षण, जलस्रोतों के पुनर्जीवन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल सुरक्षा को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों ने अनेक लोगों को प्रेरित किया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने उन्हें रंगमंच का दिग्गज कलाकार और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल और केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांता मजूमदार ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। मजूमदार ने ‘क्रांतिवीर’, ‘परिंदा’ और ‘नटसम्राट’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को याद किया।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी जताया शोक
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नाना पाटेकर के निधन को दुखद बताते हुए कहा कि अपने अभिनय और यादगार किरदारों के माध्यम से उन्होंने भारतीय सिनेमा और दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने शोकाकुल परिजनों, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी अभिनेता के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि नाना पाटेकर की दमदार अदाकारी और सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता लोगों की स्मृतियों में हमेशा जीवित रहेगी। उन्होंने दिवंगत अभिनेता को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
पांच दशक का यादगार फिल्मी सफर
नाना पाटेकर ने हिंदी और मराठी फिल्मों के साथ रंगमंच पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। ‘अंकुश’, ‘प्रहार’, ‘परिंदा’, ‘क्रांतिवीर’, ‘नटसम्राट’ और ‘वेलकम’ जैसी फिल्मों में उनके अलग-अलग किरदारों ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। गंभीर और संवेदनशील भूमिकाओं से लेकर हास्य से भरपूर किरदारों तक, उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
अभिनय के साथ-साथ किसानों, सूखा प्रभावित परिवारों और ग्रामीण समुदायों की सहायता के लिए किए गए उनके प्रयासों ने उन्हें एक संवेदनशील सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी पहचान दिलाई। नाना पाटेकर की विशिष्ट आवाज, बेबाक संवाद अदायगी और सहज लेकिन प्रभावशाली अभिनय शैली भारतीय सिनेमा की विरासत का अहम हिस्सा बनी रहेगी। उनके निधन से फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसकी कला और सामाजिक प्रतिबद्धता लंबे समय तक याद की जाती रहेगी।




