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RDA पर RTI से जानकारी छिपाने का आरोप- संजय

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रायपुर, 16 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह ठाकुर ने रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) पर लाभांडी, कचना और सद्दू नगर विकास योजनाओं से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारी सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन कर रहे हैं और जानकारी देने से बचने के लिए ‘प्रक्रियाधीन’ होने का हवाला दे रहे हैं।

      श्री ठाकुर के अनुसार, उन्होंने गत 10 अगस्त  को सात आवेदन देकर योजनाओं से संबंधित नोटशीट, फीजिबिलिटी रिपोर्ट, तकनीकी अध्ययन, स्थल निरीक्षण रिपोर्ट, प्लॉट आवंटन के मानदंड, सामाजिक-आर्थिक मूल्यांकन और शासन की स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। 65 दिन बाद जवाब में कहा गया कि जानकारी प्रक्रियाधीन होने के कारण फिलहाल उपलब्ध कराना संभव नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जवाब में जन सूचना अधिकारी के नाम का उल्लेख नहीं किया गया।

      श्री ठाकुर ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1) में सूचना देने से छूट के प्रावधान निर्धारित हैं, लेकिन केवल जानकारी प्रक्रियाधीन होने के आधार पर उसे रोकने का प्रावधान नहीं है। उन्होंने जन सूचना अधिकारी द्वारा आवेदन के निराकरण में नाम का उल्लेख अनिवार्य होने संबंधी राज्य शासन के आदेश का भी हवाला दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि योजना में भू-स्वामियों को प्लॉट आवंटित करने में मनमानी हुई है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के सिद्धांत का उल्लंघन हो सकती है। ठाकुर ने दावा किया कि RDA ने योजना में करीब 2,000 करोड़ रुपये मूल्य के प्लॉट अपने पास रखे हैं और दस्तावेज सार्वजनिक होने पर योजना से जुड़े कई सवाल सामने आएंगे।

   श्री ठाकुर ने RDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जन सूचना अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि कोई अधिकारी सूचना का अधिकार अधिनियम में ‘प्रक्रियाधीन’ होने के आधार पर जानकारी रोकने का प्रावधान दिखा दे, तो वह प्रत्येक अधिकारी को 501 रुपये का इनाम देंगे।

      उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि नगर विकास योजना किन आधारों पर तैयार की गई, प्लॉटों का आवंटन किन मानदंडों के तहत हुआ और आवश्यक अध्ययन व शासन की स्वीकृति सहित सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं। उन्होंने प्राधिकरण से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।