होम ब्रेकिंग न्यूज खरगे का भाजपा-आरएसएस पर हमला, बोले- संविधान और लोकतंत्र की रक्षा जरूरी

खरगे का भाजपा-आरएसएस पर हमला, बोले- संविधान और लोकतंत्र की रक्षा जरूरी

0

पटना, 25 अक्टूबर। बिहार की राजधानी पटना के बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से राजनीतिक माहौल गरमा गया। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह (श्री बाबू) की 139वीं जयंती पर आयोजित समारोह में खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उनके भाषण के दौरान नारेबाजी हुई और कुछ समय के लिए हंगामे की स्थिति बन गई।

     कार्यक्रम में देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और केंद्र सरकार की नीतियों पर बोलते हुए खरगे ने पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने इन सरकारों को ‘चोरी की सरकार’ और ‘वोट चोरी वाली सरकार’ करार दिया। इसी दौरान सभागार में मौजूद एक व्यक्ति ने नारा लगाते हुए कहा, ‘मोदी कभी नहीं जाएगा।’ इस पर खरगे ने जवाब दिया, ‘मोदी का बाप भी जाएगा।’ उनके इस बयान के बाद सभागार में नारेबाजी तेज हो गई और माहौल काफी देर तक गर्म रहा।

     कांग्रेस अध्यक्ष ने बढ़ती महंगाई को आम जनता की परेशानी बताते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले गरीब परिवार दाल-रोटी खाकर गुजारा कर लेते थे, लेकिन दाल महंगी होने के कारण अब उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो रहा है। खरगे ने प्याज की बढ़ती कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि आम आदमी के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल होता जा रहा है।

     संसदीय कार्यवाही का उल्लेख करते हुए खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि संसद चलने के दौरान वे सदन में आने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के लौटने के बाद सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगा जाएगा। खरगे ने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपने में भी राहुल गांधी दिखाई देते हैं।

      अपने संबोधन में खरगे ने बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक और आर्थिक योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री बाबू ने लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के साथ कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए काम किया।

      श्री खरगे ने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह भूमिहार समुदाय से आते थे, जिसका उस दौर में बड़े जमींदारों के बीच प्रभाव था। इसके बावजूद उन्होंने जमींदारी प्रथा समाप्त करने और भूमि सुधार लागू करने की दिशा में कदम उठाए। खरगे के मुताबिक, उनके कार्यकाल में बिहार में औद्योगिक विकास को गति मिली और कई उद्योगों की स्थापना हुई।

     उन्होंने छुआछूत के खिलाफ श्री बाबू के प्रयासों का भी उल्लेख किया। खरगे ने कहा कि उन्होंने सामाजिक भेदभाव को चुनौती दी और बाबा बैद्यनाथ धाम में दलितों के प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे सामाजिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।

      श्री खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन संगठनों में आज भी छुआछूत की मानसिकता रखने वाले लोग मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक भेदभाव और असमानता को समाप्त किए बिना समाज में वास्तविक शांति स्थापित नहीं हो सकती।

       उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में 8 अगस्त 2026 को हवन कार्यक्रम के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना का भी जिक्र किया। खरगे ने कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी यदि समाज में ऐसी सोच मौजूद है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी को लेकर भी सवाल उठाए।

      बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करते हुए खरगे ने कहा कि जो नेता कभी समाजवादी विचारधारा के समर्थक माने जाते थे, वे आज भाजपा और आरएसएस के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने इसे विचारधारा से समझौता करने का उदाहरण बताया।

     कांग्रेस अध्यक्ष ने पार्टी के ऐतिहासिक बलिदानों का उल्लेख करते हुए कहा कि महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भी आज देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

      श्री खरगे ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच कथित सांठगांठ का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को संरक्षण देने के उद्देश्य से नया कानून लेकर आई है। खरगे ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर चिंता जताई।

उन्होंने बिहार की जनता सहित देशवासियों से अपने अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर की जा रही है और सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।

      कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों तथा आम नागरिकों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी। उनके पूरे संबोधन में महंगाई, सामाजिक न्याय, जातिगत भेदभाव, चुनावी पारदर्शिता और केंद्र सरकार की नीतियां प्रमुख मुद्दे रहे।