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कर्नाटक में फसलो के नुकसान से परेशान किसानों ने की खुदकुशी

कर्नाटक से किसानों की आत्महत्या करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस बीच, चिक्कमगलुरु जिले में सोमवार एक और किसान ने खुदकुशी कर ली। बारिश की कमी की वजह से फसल के नुकसान से बुजुर्ग किसान परेशान थे। उनकी आयु 55 साल थी। किसान ने अपने घर में फांसी लगा ली।

किसान पर 3 लाख का था कर्ज 

पुलिस के मुताबिक, किसान कृष्णा नाइक, कडूर तालुक के लिंगदहल्ली के रहने वाले थे। उन्होंने अपने आवास पर फांसी लगा ली। किसान कृष्णा नाइक पर 3 लाख रुपये का कर्ज लिया था। उन्होंने अपने कृषि क्षेत्र में रागी और ज्वार की फसल बोई थी, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण फसल नष्ट हो गई। इसके बाद किसान ने यह कदम उठाया। अकेले कदुर तालुक में पिछले 40 दिनों में किसानों की यह 5वीं आत्महत्या है। सखारायपटना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। राज्य ने चिक्कमगलुरु जिले के कदुर तालुक को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने किसानों के लिए एक हेल्पलाइन भी खोली है।

236 में से 194 तालुका सूखाग्रस्त 

अधिकारियों के मुताबिक, कर्नाटक में पिछले 18 महीनों में फसल के नुकसान के बाद कुल 1219 किसानों ने अपनी जान दे दी है। राज्य सरकार ने राज्य के 236 में से 194 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया है और 4,860 करोड़ रुपये का राहत पैकेज केंद्र से मांगा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि करीब 42 लाख हेक्टेयर फसल का नुकसान हुआ है। राज्य में कुल मिलाकर 30,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। फिलहाल केंद्रीय दल राज्य के 11 जिलों का दौरा कर स्थिति का आकलन कर रहा है।

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