मकर संक्रांति नई ऊर्जा और सामाजिक सद्भाव का पर्व : राज्यपाल रमेन डेका


रायपुर, 25 जनवरी।छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है और नई ऊर्जा, नई आशा व नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
आंध्र एसोसिएशन रायपुर द्वारा आयोजित मकर संक्रांति मिलन समारोह में राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि मकर संक्रांति परिश्रम, कृषि और प्रकृति से गहराई से जुड़ा पर्व है, जो हमारे अन्नदाता किसानों के त्याग और मेहनत के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। यह पर्व आनंद, प्रार्थना और अच्छी फसल की कामना के साथ समाज में सकारात्मकता, उत्साह और आपसी सद्भाव को सुदृढ़ करता है।
उन्होंने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व की बात है कि हम ऐसे महान देश में जन्मे हैं, जहाँ विविध भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं के बावजूद गहरी एकता देखने को मिलती है। सदियों से विकसित हमारी गौरवशाली संस्कृति ने अनेक चुनौतियों के बीच भी अपनी सांस्कृतिक एकता को बनाए रखा है।
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य शिक्षा, उद्योग और विकास के क्षेत्र में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। यहां की समृद्ध संस्कृति, कोसा सिल्क और विविध शिल्प इसकी विशिष्ट पहचान हैं तथा पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अन्य राज्यों के लोगों को छत्तीसगढ़ आने के लिए प्रेरित करें, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिले और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिले।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना, आंध्र एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री जी. स्वामी, संगठन के पदाधिकारी तथा आंध्र समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




