यूपी बजट 2026-27: 9.13 लाख करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा बजट, रोजगार, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस


लखनऊ, 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 12.2 प्रतिशत अधिक है और इसे प्रदेश की 18वीं विधानसभा का आखिरी पूर्ण बजट माना जा रहा है, क्योंकि अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजकोषीय अनुशासन और ऋण नियंत्रण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे की सीमा तीन प्रतिशत निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2030-31 तक प्रभावी रहेगी। बजट में पूंजीगत व्यय का हिस्सा 19.5 प्रतिशत रखा गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर बड़ा प्रावधान
वित्त मंत्री ने बताया कि कुल बजट का 12.4 प्रतिशत शिक्षा के लिए और 6 प्रतिशत चिकित्सा क्षेत्र के लिए निर्धारित किया गया है। कृषि एवं संबद्ध सेवाओं के लिए 9 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है।
चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 37,956 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।
- राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन: 8,641 करोड़ रुपये
- आयुष्मान भारत योजना: 2,000 करोड़ रुपये
- आयुष सेवाएं: 2,867 करोड़ रुपये
- असाध्य रोगों के निःशुल्क इलाज: 130 करोड़ रुपये
- कैंसर संस्थान, लखनऊ: 315 करोड़ रुपये
चिकित्सकीय शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 81 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें 45 सरकारी और 36 निजी हैं। 14 नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना के लिए 1,023 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
पुलिस और कानून-व्यवस्था पर जोर
कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस विभाग के अनावासीय भवनों के निर्माण हेतु 1,374 करोड़ रुपये तथा आवासीय भवनों के लिए 1,243 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास के लिए 27,103 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 13 प्रतिशत अधिक है।
- मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण योजना: 5,000 करोड़ रुपये
- अटल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन: 2,000 करोड़ रुपये
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रोत्साहन नीति 2023: 1,000 करोड़ रुपये
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के तहत अब तक 200 रक्षा उद्योगों के लिए समझौते किए गए हैं, जिनमें 35,280 करोड़ रुपये निवेश और 53,263 प्रत्यक्ष रोजगार का अनुमान है।
एमएसएमई और रोजगार सृजन पर फोकस
एमएसएमई योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष से 19 प्रतिशत अधिक है।
- सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र योजना: 575 करोड़ रुपये
- ‘एक जनपद, एक व्यंजन’ नई योजना: 75 करोड़ रुपये
- हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग: 541 करोड़ रुपये (पिछले वर्ष से पांच गुना अधिक)
वित्त वर्ष 2026-27 में वस्त्र उद्योग के माध्यम से 30 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर के कंबल उत्पादन केंद्र के आधुनिकीकरण के लिए 7.50 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
आईटी और एआई मिशन की शुरुआत
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के लिए 2,059 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 76 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में कृत्रिम मेधा (AI) को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश एआई मिशन की शुरुआत की जा रही है, जिसके लिए 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
युवा सशक्तिकरण
स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना के तहत टैबलेट और स्मार्टफोन वितरण के लिए 2,374 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सार
वित्त वर्ष 2026-27 का यह बजट आकार और प्रावधानों के लिहाज से अब तक का सबसे बड़ा बजट है। सरकार ने रोजगार सृजन, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, औद्योगिक निवेश, एमएसएमई प्रोत्साहन और आधुनिक तकनीक विशेषकर एआई के क्षेत्र में राज्य को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रस्तुत यह बजट विकास और निवेश केंद्रित रणनीति को दर्शाता है।




