महिला भागीदारी के बिना विकसित भारत अधूरा: लोकसभा में बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 16 अप्रैल।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश की लगभग 50 प्रतिशत आबादी को नीति निर्धारण की प्रक्रिया में शामिल करना समय की मांग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति देश के विकास की आधारशिला है और उन्हें निर्णय लेने में उचित प्रतिनिधित्व देना लोकतंत्र को मजबूत करेगा।
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि महिलाओं को अधिकार देना किसी पर उपकार नहीं, बल्कि उनका हक है। उन्होंने यह भी माना कि दशकों से राजनीतिक व्यवस्था इस अधिकार को देने में पीछे रही है और यह विधेयक उस ऐतिहासिक कमी को दूर करने की दिशा में एक आवश्यक कदम है।
प्रधानमंत्री ने विपक्ष से अपील की कि इस ऐतिहासिक पहल को राजनीतिक रंग न दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि सभी दल मिलकर आगे बढ़ते हैं, तो इसका लाभ किसी एक दल को नहीं, बल्कि पूरे देश और लोकतंत्र को मिलेगा।
उन्होंने विकसित भारत की अवधारणा को केवल बुनियादी ढांचे या आर्थिक आंकड़ों तक सीमित न बताते हुए कहा कि इसमें महिलाओं की समान भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उनके अनुसार, “विकसित भारत वही है, जहां नीति निर्माण में सबका साथ और सबका विकास का मंत्र वास्तव में लागू हो।”
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि देश में लगभग 6700 ब्लॉक पंचायतों में से करीब 2700 का नेतृत्व महिलाएं कर रही हैं, जो लोकतंत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।
चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी आने की आशंकाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में 543 लोकसभा सीटों में दक्षिण भारत के 129 सांसद हैं, जो प्रस्तावित बदलाव के बाद बढ़कर 195 हो जाएंगे, यानी उनकी हिस्सेदारी में वृद्धि होगी।
वहीं कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिला आरक्षण की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में हुई थी, जिसने जमीनी स्तर पर महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत किया।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए इसे सकारात्मक कदम बताया।
इससे पहले विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक-2026 और परिसीमन विधेयक-2026 पेश किया, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्रशासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक-2026 सदन में प्रस्तुत किया।
चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन इसे सरल बनाया जाना चाहिए और परिसीमन से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि आरक्षण मौजूदा 543 लोकसभा सीटों के आधार पर लागू किया जाना चाहिए।




