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अमेरिका की राह पर इजरायल, UN की कई एजेंसियों से तोड़ा नाता

अमेरिका के कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने के फैसले ने दुनिया में हलचल मचा दी है। अब इजरायल ने भी इसी राह पर कदम बढ़ाते हुए संयुक्त राष्ट्र की कई एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से तुरंत सभी संबंध तोड़ने का ऐलान कर दिया है।

इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने यह फैसला लिया है। इसमें उन्होंने इन संगठनों पर लगातार पक्षपात, राजनीतिकरण और इजराइल विरोधी कार्रवाइयों का आरोप लगाया है। हालांकि अब ये वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

‘बार-बार इजरायल के खिलाफ पूर्वाग्रही रवैया’

इस फैसले की घोषणा इजरायल के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए की है। मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका के ऐलान के बाद इजरायल ने इन संगठनों की समीक्षा की और अपने अनुभवों के आधार पर यह फैसला लिया है।

विदेश मंत्री सार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत इन एजेंसियों से संपर्क खत्म करें। इसके साथ ही, अन्य संगठनों के साथ सहयोग की भी जांच की जाएगी। इसमें जरूरत पड़ने पर संबंधित सरकारी मंत्रालयों से सलाह ली जाएगी।

इजरायल का कहना है कि इन संगठनों ने बार-बार इजरायल के खिलाफ पूर्वाग्रही रवैया अपनाया है, जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। अमेरिका के ऐलान में शामिल संगठनों की सूची से इजराइल ने पहले ही चार यूएन बॉडीज से नाता तोड़ लिया है। इनमें से एक है संयुक्त राष्ट्र महासचिव के विशेष प्रतिनिधि का कार्यालय, जो सशस्त्र संघर्ष में बच्चों के लिए काम करता है। इजराइल का आरोप है कि इस कार्यालय ने 2024 में इजराइली रक्षा बल (आईडीएफ) को बेशर्मी से ब्लैकलिस्ट किया था।

दूसरी एजेंसी है यूएन विमेन, जो महिलाओं की समानता और सशक्तिकरण के लिए काम करती है। इजरायल ने कहा कि इस संगठन ने 7 अक्टूबर 2023 को इजरायली महिलाओं पर हुई यौन हिंसा के सभी मामलों को जानबूझकर नजरअंदाज किया। यह घटना इजरायल के लिए बेहद संवेदनशील है और संगठन की चुप्पी ने इजरायल को गहरा आघात पहुंचाया। इजरायल का मानना है कि ऐसे संगठन जो निष्पक्षता का दावा करते हैं, लेकिन पक्षपात करते हैं, उनके साथ सहयोग जारी रखना व्यर्थ है।

किन संगठनों से तोड़े संबंध और क्यों?

तीसरी एजेंसी है यूएन कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलपमेंट (यूएनसीटीएडी), जिस पर इजरायल ने दर्जनों इजराइल विरोधी रिपोर्ट्स तैयार करने का आरोप लगाया है। इजरायल कई सालों से इस संगठन से अलग-थलग रहा है और अब औपचारिक रूप से संबंध तोड़ दिए गए हैं। इन फैसलों से इजरायल अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।

विदेश मंत्री सार ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए हैं कि अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग की समीक्षा की जाए। इसमें जहां जरूरी हो, दूसरे मंत्रालयों से बात की जाएगी। इजरायल का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद और फैसले लिए जाएंगे। इस कदम से इजरायल वैश्विक राजनीति में अपनी स्वतंत्रता और हितों की रक्षा पर जोर दे रहा है, जो अमेरिका के फैसले से प्रेरित लगता है।