आप सांसद राघव चड्ढा ने बुधवार को राज्यसभा में खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा उठाया। कहा कि बाजार में शुद्धता का झूठा लेबल लगाकर जहर बेचा जा रहा है। दूध में यूरिया, आइसक्रीम में डिटरर्जेंट, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन और पनीर में कास्टिक सोडा की मिलावट की जा रही है। ऑक्सीटोसिन एक हानिकारक रसायन है, जो चक्कर आना, सिर दर्द, हृदय गति रुकना, बांझपन और कैंसर जैसी बीमारियां पैदा कर सकता है।
राघव चड्ढा ने संसद में अपने भाषण का वीडियो एक्स पर भी साझा किया। वीडियो के साथ अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट देश का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट है।
उन्होंने आरोप लगाया कि दूध, मसाले, खाद्य तेल, पैकेटबंद खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थों में हानिकारक रसायन, संतृप्त वसा, चीनी या नमक मिलाए जा रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य को फायदा पहुंचाने वाले भ्रामक दावे भी किए जा रहे हैं। 71 प्रतिशत दूध के नमूनों में यूरिया और 64 प्रतिशत में सोडियम बाइकार्बोनेट जैसे न्यूट्रलाइजर पाए गए हैं। देश में जितना दूध बेचा जा रहा है, उतना तो हमारे यहां उत्पादन भी नहीं होता है। हम सब धीरे-धीरे जहर का सेवन कर रहे हैं।
आप नेता ने कहा कि इस देश की दो सबसे बड़ी गरम मसाला कंपनियों पर अमेरिका, ब्रिटेन और पूरे यूरोप में प्रतिबंध लगा दिया गया, क्योंकि उनमें कैंसर पैदा करने वाले कीटनाशक पाए गए थे। वही मसाले अब भी देश में बड़ी मात्रा में बिक रहे हैं। हमें इन उत्पादों का सेवन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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