नई दिल्ली, 18 अप्रैल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नारी वंदन संशोधन अधिनियम को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिन राजनीतिक दलों ने संसद में इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया, उन्हें देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी।
शनिवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ दलों ने महिलाओं को उनका अधिकार मिलने से रोका और यह उनके प्रति गंभीर अन्याय है। उन्होंने कहा कि देश की नारी इस अपमान को भूलेगी नहीं और समय आने पर इसका जवाब जरूर देगी।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को न्याय देने के मुद्दे पर बाधाएं खड़ी की हैं। उनका आरोप था कि दशकों से लंबित महिला अधिकारों को लागू करने में भी कांग्रेस ने बाधा उत्पन्न की और महिलाओं की प्रगति में रुकावटें डालीं।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं को समान भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन विपक्षी दलों ने इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों को कमजोर किया। प्रधानमंत्री के अनुसार, संसद में इस विधेयक का विरोध करके कुछ दलों ने “महिला सशक्तिकरण” के अवसर को बाधित किया।
प्रधानमंत्री ने समाजवादी पार्टी और तिरमूल कांग्रेस समेत अन्य दलों पर भी आरोप लगाए कि उन्होंने महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़े अटकाए और देश को गुमराह करने की कोशिश की।उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह विधेयक पारित हो जाता, तो देशभर में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ती और संसद व विधानसभाओं में उनकी आवाज और मजबूत होती। उनके अनुसार, विपक्ष का विरोध परिवारवाद की राजनीति से प्रेरित है, क्योंकि इससे उनके राजनीतिक ढांचे पर असर पड़ सकता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने हमेशा सुधारवादी कदमों का विरोध किया है, चाहे वह समान नागरिक संहिता हो, मतदाता सुधार हो या अन्य महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी नकारात्मक रवैये के कारण देश कई बार विकास की संभावनाओं से पीछे रह गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और अपने अधिकारों को लेकर सजग भी, ऐसे में जो भी उनके अधिकारों के रास्ते में बाधा बनेगा, उसे जनता के बीच जवाब देना पड़ेगा।




