बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पहले दिल्ली दौरे के बाद केंद्र सरकार ने राज्य के विकास के लिए बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के तहत रुकी हुई योजनाओं के लिए 39,000 करोड़ रुपये जारी करने पर सहमति बन गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु ने बताया कि केंद्र ने बंगाल के आर्थिक विकास, उद्योग और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक के दौरान केंद्रीय प्रोजेक्ट्स को लागू करने में मदद का भी भरोसा दिया, जिनमें से कई ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के तहत रुके हुए थे।
बंगाल का विकास केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता
शुभेंदु अधिकारी ने एक पोस्ट में लिखा, “हमारी सार्थक चर्चा के दौरान, माननीय प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास के अपने दृष्टिकोण पर फिर से जोर दिया और दोहराया कि बंगाल का विकास केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें बंगाल को आर्थिक विकास, औद्योगिक पुनरुद्धार और युवा सशक्तिकरण के पथ पर अग्रसर करने के लिए हर संभव सहायता, मार्गदर्शन और केंद्रीय समर्थन का आश्वासन दिया है।
VB G-RAM G योजना की शुरुआत
इसके साथ ही, राज्य में आयुष्मान भारत और ग्रामीण रोजगार (VB G-RAM G) जैसी केंद्रीय योजनाओं को तेज गति से लागू करने का रास्ता साफ हो गया है। 1 जुलाई से हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन की सैलरी वाली नौकरी देने वाली VB G-RAM G की शुरुआत हो जाएगी।
शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष्मान भारत के तहत हेल्थ और वेलनेस सेंटर) बनाने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग के खास अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल मीटिंग करेंगे।
कोलकाता एयरपोर्ट परिसर से मस्जिद हटाने का विवाद थमा
कोलकाता एयरपोर्ट के ऑपरेशनल (सुरक्षा) दायरे में स्थित ‘गौरीपुर जामे मस्जिद’ को हटाने या दूसरी जगह स्थानांतरित करने का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। हालांकि, इस संवेदनशील मामले पर बातचीत को आगामी 27/28 मई को होने वाली ईद-उज़-ज़ुहा (बकरीद) तक के लिए टाल दिया गया है।
एयरपोर्ट अथॉरिटीज ने कथित तौर पर राज्य प्रशासन से कहा है कि वे एयरपोर्ट के ऑपरेशनल एरिया को सुरक्षित कर सकते हैं और मस्जिद तक पहुंच दे सकते हैं, लेकिन वे ढांचे को गिराने में हिस्सा नहीं ले सकते।




