रायपुर, 30 मई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि पत्रकार लोकतंत्र के सच्चे सेनानी हैं, जो विपरीत परिस्थितियों में भी समाज तक सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया की सकारात्मक आलोचना न केवल व्यक्तियों बल्कि प्रशासन और सरकार को भी आत्ममंथन करने तथा बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी के वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर परिसर के सुंदर सदन में आयोजित ‘पत्रकारिता गौरव मार्तंड उत्सव’ को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पत्रकारिता की समृद्ध परंपरा की साक्षी रही है। उन्होंने आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब को बधाई देते हुए कहा कि यह देश के प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक प्रेस क्लबों में से एक है, जिसने पत्रकारिता के मूल्यों को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्री साय ने रायपुर की पत्रकारिता परंपरा का उल्लेख करते हुए वरिष्ठ पत्रकारों एवं संपादकों मधुकर खेर, मायाराम सुरजन, ललित सुरजन, रमेश नैय्यर और बबन प्रसाद मिश्र को याद किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों ने पत्रकारिता को वैचारिक मजबूती प्रदान की और नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने में मीडिया की भूमिका सदैव अहम रही है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक जागरण तक पत्रकारिता ने परिवर्तन के वाहक के रूप में कार्य किया है। उन्होंने बताया कि 30 मई 1826 को श्री जुगल किशोर शुक्ल द्वारा प्रकाशित ‘उदंत मार्तंड’ ने हिंदी पत्रकारिता की नींव रखी थी और आज इसके 200 वर्ष पूरे होना पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में देवर्षि नारद को आदि पत्रकार माना जाता है। यह भी उल्लेखनीय है कि ‘उदंत मार्तंड’ का प्रकाशन नारद जयंती के दिन शुरू हुआ था, जो भारतीय पत्रकारिता और सांस्कृतिक मूल्यों के गहरे संबंध को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, सुभाषचंद्र बोस तथा माधवराव सप्रे जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि पत्रकारिता ने राष्ट्रवादी चेतना को मजबूत करने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के महान पत्रकार माधवराव सप्रे ने ‘छत्तीसगढ़ मित्र’ के माध्यम से जनजागरण का महत्वपूर्ण कार्य किया।
श्री साय ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद करते हुए कहा कि उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की। ‘राष्ट्रधर्म’ और ‘स्वदेश’ जैसे प्रकाशनों ने राष्ट्रीय अस्मिता को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने नक्सलवाद उन्मूलन अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों, जनसहभागिता और पत्रकारों के सहयोग से प्रदेश में शांति और विकास का वातावरण मजबूत हुआ है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की सकारात्मक तस्वीर देश-दुनिया तक पहुंचाने में मीडिया ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कभी हिंसा और नक्सलवाद के लिए चर्चित रहने वाला बस्तर आज पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और विकास की नई संभावनाओं के केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की यात्रा समाज और राष्ट्र को दिशा देने वाली रही है। वहीं, वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडिया हैबिटेट सेंटर के डायरेक्टर डॉ. के.जी. सुरेश ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में पत्रकारिता के सामने नई चुनौतियां हैं, लेकिन इसकी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए शोधपरक, तथ्यात्मक और साक्ष्य आधारित पत्रकारिता आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने पर प्रकाशित नवप्रदेश के विशेषांक, रायपुर प्रेस क्लब की पत्रकार डायरेक्टरी तथा दिनेश यदु की पुस्तक ‘मैं अगहन हूं’ का विमोचन भी किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, सलाहकार कृष्णा दास, विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न निगम-मंडलों के पदाधिकारी, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित रहे।




