अयोध्या, 26 जून। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में शुक्रवार को एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास को सौंप दिया है।
हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, ट्रस्ट के ट्रस्टी नृपेंद्र मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे की जानकारी मिली है। दूसरी ओर, कुछ सूत्रों का दावा है कि चंपत राय ने केवल महासचिव पद से इस्तीफा दिया है, जबकि वे ट्रस्ट के सदस्य बने रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में महंत नृत्य गोपाल दास के आवास पर ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में मामले को लेकर विस्तृत चर्चा हुई और इसी दौरान चंपत राय तथा डॉ. अनिल मिश्रा से इस्तीफा देने को कहा गया। यह भी चर्चा है कि विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्तर पर बढ़ते दबाव के बाद यह निर्णय लिया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इससे पहले गुरुवार देर रात पुलिस ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चंपत राय के करीबी सहयोगी रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। सभी आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाना है, जहां पुलिस उनकी 14 दिन की रिमांड की मांग कर सकती है।
गौरतलब है कि इस मामले में पहली एफआईआर गुरुवार शाम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई थी। हालांकि, एफआईआर में चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा अथवा ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के नाम शामिल नहीं हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को सौंप दी थी। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और मामले में आगे और भी अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।




