कबीरधाम, 2 जुलाई। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से गुरुवार को विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान उन्होंने वर्चुअल माध्यम से गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को भी संबोधित किया।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे गांवों में विकास कार्यों को नई गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मजदूरों के श्रम का सम्मान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ में इस महत्वाकांक्षी योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ गंडईखुर्द से होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित गांवों के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए इस योजना के तहत 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि से विभिन्न विकास कार्यों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि योजना में कुल 318 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण के 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब पारंपरिक जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही जॉब कार्ड की केवाईसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
उन्होंने कहा कि योजना के तहत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़कों के निर्माण एवं मुरमीकरण जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को बढ़ावा मिल सके। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड सहित अन्य आवश्यक अधोसंरचना विकास कार्य शुरू करेगी।
इसके अलावा योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र तथा हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी कराए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन कार्यों से रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी नई मजबूती मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए गांवों का समग्र और योजनाबद्ध विकास आवश्यक है। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर उनकी जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।




