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स्मार्ट मीटर पर केंद्र की नीति छत्तीसगढ़ में भी लागू हो, भाजपा सांसद पहल करें: मोहम्मद अकबर

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रायपुर, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर केंद्र सरकार की घोषित नीति को प्रदेश में भी लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था हैं और किसी भी उपभोक्ता की सहमति के बिना सामान्य बिजली मीटर को स्मार्ट मीटर से बदलना उचित नहीं है।

      श्री अकबर ने कहा कि यदि केंद्र सरकार का यही आधिकारिक रुख है, तो छत्तीसगढ़ में भी उसी नीति का पालन होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि उत्तर प्रदेश में उपभोक्ताओं के विरोध के बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सकती है, तो छत्तीसगढ़ के उपभोक्ताओं की चिंताओं को समान महत्व क्यों नहीं दिया जा रहा।

      उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें लगभग 45 लाख घरेलू और 7.4 लाख कृषि उपभोक्ता शामिल हैं। ऐसे में इतने बड़े वर्ग को प्रभावित करने वाले किसी भी निर्णय में उपभोक्ताओं की सहमति, पारदर्शिता और विश्वास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

      पूर्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों से स्मार्ट मीटर के विरोध की खबरें सामने आई हैं। कबीरधाम जिले के पांडातराई में उपभोक्ताओं द्वारा स्मार्ट मीटर हटाकर बिजली कार्यालय में जमा कर विरोध दर्ज कराना इस बात का संकेत है कि लोगों की आशंकाओं का समाधान संवाद के जरिए किया जाना चाहिए।

     अकबर ने छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों से इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने की अपील करते हुए कहा कि वे संसद में केंद्र सरकार की घोषित नीति को राज्य में लागू कराने के लिए पहल करें। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू सहित प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों से बिजली उपभोक्ताओं के हित में राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

     उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब यह जानना चाहती है कि भाजपा सांसद स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर क्या कदम उठा रहे हैं। यदि उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं की मांगों को महत्व दिया जा सकता है, तो छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं की चिंताओं को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए।