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JPSC पीटी परीक्षा रद्द करने को तैयार झारखंड सरकार, छात्रों की अधिकांश मांगें मानीं

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रांची, 09 अगस्त। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पीटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 16 दिनों से जारी छात्र आंदोलन का असर अब दिखाई देने लगा है। राज्य सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए पीटी परीक्षा रद्द करने की सहमति जताई है। साथ ही बैकलॉग पेपरों में कथित गड़बड़ियों की जांच CID और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने पर भी सहमति बनी है।

     हालांकि छात्रों की CBI जांच की मांग पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार ने छात्र संगठनों को अवगत कराया है कि उनकी अधिकांश मांगें स्वीकार कर ली गई हैं और मामले में 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करने का प्रयास किया जाएगा।

     सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनियमितताओं के आरोपी अभय तिवारी द्वारा दी गई सभी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग फिलहाल स्वीकार नहीं की गई है। अभय तिवारी पर परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप हैं और उन्होंने पिछले 13 वर्षों में 12 प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं।

     इस बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलनरत छात्रों को न्याय का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि JPSC परीक्षा में हुई गड़बड़ियों को उनकी सरकार ने उजागर किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को उनके अधिकार दिलाने और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

    सोरेन ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों को किसी राजनीतिक संरक्षण की जरूरत नहीं है और सरकार उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेकर समाधान की दिशा में काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान संवाद और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ही संभव है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी तथा दोषियों को कठोर सजा दिलाई जाएगी।

    उधर, आंदोलन के दौरान जांच प्रक्रिया भी तेज हो गई है। CID की एक टीम ने JPSC के तीन वर्तमान सदस्यों को समन जारी किया है और कथित अनियमितताओं के संबंध में उनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

    गौरतलब है कि छात्र 19 अप्रैल को आयोजित JPSC पीटी परीक्षा को रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के 16वें दिन सरकार की ओर से मिले सकारात्मक संकेतों के बाद समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।