बीजापुर, 14 अगस्त। बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे और अंतिम दिन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने पूरे जोश और उत्साह के साथ यात्रा को आगे बढ़ाया। बीजापुर से शुरू हुई यात्रा आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहाड़ी पहुंची, जहां स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर तिरंगा फहराकर लगभग 600 किलोमीटर लंबी यात्रा का समापन किया गया।
तीन दिनों तक चली इस तिरंगा यात्रा में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों को कवर किया गया। यात्रा के दौरान मंत्री द्वय और सांसद ने विभिन्न स्थानों पर नक्सली हिंसा में शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण किया तथा शहादत की मिट्टी को संग्रहित किया। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों और ग्रामीणों से भी मुलाकात की।
‘आज बस्तर की जनता जीत गई, नक्सली हार गए’
करेगुट्टा पहाड़ी पर जवानों के बीच तिरंगा फहराते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज वह सपना साकार हुआ है, जिसे लंबे समय से देखा गया था। उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता की जीत हुई है, एर्राबोर की कट्टम ज्योति की जीत हुई है और शहीद जवानों का अदम्य पराक्रम विजयी हुआ है, जबकि नक्सलवाद की हार हो रही है।
उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती पर नक्सलवाद के सफाए का संकल्प अब साकार होता दिखाई दे रहा है। कर्रेगुट्टा पहाड़ी, जो कभी नक्सलियों के सबसे सुरक्षित गढ़ों में गिनी जाती थी, वहां जवानों की मौजूदगी में तिरंगा फहराना उनके लिए जीवन के सबसे महत्वपूर्ण दिनों में से एक है।
उपमुख्यमंत्री ने जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए कैंपों में आने की बात पर कहा कि वे वास्तव में जवानों का मनोबल बढ़ाने नहीं, बल्कि उनसे ऊर्जा प्राप्त करने आते हैं। उन्होंने बताया कि जवानों की वीरता और सेवाओं के सम्मान में केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 141 पुलिस जवानों को विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा पदकों से सम्मानित किया है।
‘तिरंगा यात्रा ने बस्तर के बचे हुए भय को भी खत्म किया’
विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर के लोगों के मन से भय काफी पहले खत्म हो चुका था और बचा हुआ भय भी बस्तर तिरंगा यात्रा ने समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश के कोने-कोने में तिरंगा लहरा रहा है और इसके साथ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा लिखा संविधान भी बस्तर के हर कोने में लागू हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में अभी विकास के कई कार्य किए जाने बाकी हैं। बस्तर का विकास होगा, लेकिन उसकी अपनी संस्कृति और लय के अनुरूप होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर को देश के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
वन मंत्री बोले- ‘कभी सोचा नहीं था यहां बिना डर के आ सकेंगे’
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वे कर्रेगुट्टा की पहाड़ी पर बिना किसी भय के खड़े होकर तिरंगा फहरा सकेंगे। उन्होंने इसे बस्तर के लिए सौभाग्य का क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि बस्तर तिरंगा यात्रा जिन रास्तों से होकर गुजरी, वहां कभी दिन के समय भी लोग आने से डरते थे। आज उन्हीं मार्गों पर तिरंगा यात्रा निकल रही है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन का परिणाम बताया।
सांसद महेश कश्यप ने बताया ऐतिहासिक अवसर
सांसद महेश कश्यप ने कहा कि तिरंगे का संदेश लेकर लगभग 600 किलोमीटर की यात्रा पूरी करना अपने आप में ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि आजादी के 79 वर्ष बाद पहली बार इन क्षेत्रों में तिरंगा पूरे सम्मान और शान के साथ लहरा रहा है।
उन्होंने कहा कि तिरंगा शांति, बलिदान और हरियाली के साथ-साथ पराक्रम का भी संदेश देता है।
बच्चों ने लगाए ‘भारत माता की जय’ के नारे
बस्तर तिरंगा यात्रा के दौरान कर्रेगुट्टा पहाड़ी के मार्ग में ग्रामीणों और बच्चों ने यात्रा का आत्मीय स्वागत किया। बच्चों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘तिरंगे की जय’ के नारों से पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से भर दिया।
यात्रा के दौरान आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी, ताड़पाला और कर्रेगुट्टा पहाड़ी सहित विभिन्न स्थानों पर शहीद जवानों की स्मृति में पौधारोपण किया गया तथा शहादत की मिट्टी संग्रहित की गई।
इस अवसर पर चैतराम अटामी, पूर्व विधायक महेश गागड़ा सहित बड़ी संख्या में युवा और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।




