रायपुर, 9 सितंबर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) की नियुक्ति की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में सभी नवचयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
राज्य गठन के बाद यह पहली बार है, जब नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की एक साथ नियुक्ति हुई है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश में सुनियोजित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि आने वाले समय में शहरों और कस्बों के विस्तार को ध्यान में रखते हुए मजबूत और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग की जरूरत और बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के बाद 25 वर्षों में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि इस बार अकेले एक नियुक्ति प्रक्रिया में 21 युवा अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। इससे विभाग की कार्यक्षमता और पेशेवर क्षमता मजबूत होगी तथा प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण को बेहतर तरीके से नियोजित करने में मदद मिलेगी।
शहरों का विकास भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरों का विकास केवल आज की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जरूरतों को भी इसमें शामिल करना जरूरी है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार हो रहा है। नगरों की सीमाएं बढ़ रही हैं और प्रमुख सड़कों तथा शहरों के आसपास नई बसाहटें तेजी से विकसित हो रही हैं।
ऐसे में आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक गतिविधियों, सड़कों, परिवहन व्यवस्था, सार्वजनिक स्थलों, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन तथा वैज्ञानिक योजना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि टाउन प्लानिंग केवल नक्शा बनाने या भू-उपयोग निर्धारित करने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है।
उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की भी है। अच्छी टाउन प्लानिंग से शहर व्यवस्थित होते हैं, नागरिक सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध होती हैं और अनियोजित विस्तार से पैदा होने वाली समस्याओं को समय रहते रोका जा सकता है।
जनहित और पारदर्शिता को दें सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को शासकीय सेवा में दायित्वबोध का संदेश देते हुए कहा कि शासन में लिया गया प्रत्येक निर्णय किसी न किसी रूप में आम नागरिक के जीवन को प्रभावित करता है। इसलिए अधिकारियों को ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आम नागरिक को अपने छोटे से छोटे काम के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़े, यह सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नागरिक सुविधा तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों से अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग करते हुए प्रदेश के बेहतर नियोजन में योगदान देने का आह्वान किया।
सरकार का फोकस युवाओं को रोजगार और अवसर देने पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक तथा शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं।
वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने नवचयनित सहायक संचालकों को बधाई देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए सुनियोजित शहरीकरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के साथ शहरी आबादी और शहरों का विस्तार होना स्वाभाविक है।ऐसे में भविष्य की जरूरतों का पहले से आकलन कर आधुनिक और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग करना समय की आवश्यकता है।




