रायपुर, 14 सितंबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ में पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ सहभागी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सेवा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। प्रदेशवासियों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान जनसेवा और जनभागीदारी का व्यापक उत्सव बन सकता है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपनी अपील में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर के अवसर पर देशभर में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान सेवा के भाव को जन-जन तक पहुंचाने और समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को सहभागिता के साथ निभाने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने गांव, शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता तथा अन्य जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। साथ ही अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि सेवा केवल किसी एक वर्ग या संस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का माध्यम है। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार सेवा कार्यों में योगदान देता है, तो उसका व्यापक सकारात्मक प्रभाव दिखाई देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पक्के आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का लगातार विस्तार हुआ है।
उन्होंने कहा कि विकास की प्रत्येक उपलब्धि के केंद्र में आम नागरिकों के पूरे होते सपने, बढ़ता आत्मविश्वास और जीवन में आने वाली खुशहाली है। ऐसे में सेवा संकल्प अभियान समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास और जनकल्याण की इस यात्रा में अपनी भूमिका निभाने का अवसर प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अभियान की अवधि में अपने आसपास सकारात्मक बदलाव लाने वाले छोटे-बड़े सेवा कार्यों को अपनाएं और समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सेवा परंपरा और प्रदेशवासियों की सामूहिक भागीदारी से ‘सेवा संकल्प अभियान’ सफल और प्रभावी बनेगा।




