पटना, 18 सितम्बर। बिहार के शेखपुरा जिले के घाट कुसुम्भा प्रखंड को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों का आक्रोश भड़क उठा। सैकड़ों महिलाओं और ग्रामीणों ने अंचलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर जमकर हंगामा किया। इस दौरान महिलाओं ने हाथों में झाड़ू लेकर अधिकारियों का विरोध किया। प्रदर्शन के बीच एक महिला ने कथित तौर पर अंचलाधिकारी पर झाड़ू चला दी, जो उनके सिर में लगी।
ग्रामीण पिछले करीब 15 दिनों से बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं। क्षेत्र के कई घरों में बाढ़ का पानी घुसा हुआ है। प्रखंड को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर ग्रामीण पिछले चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। शुक्रवार को आंदोलनकारियों ने अंचलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर घेराव कर दिया।
घटना के दौरान स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई, जब भीड़ में शामिल कुछ लोगों पर प्रशासनिक अधिकारियों को बंधक बनाने तथा पुलिसकर्मियों से हथियार छीनने की कोशिश करने का आरोप लगा। सामने आए वीडियो में कुछ महिलाएं अधिकारियों से बहस करती और हाथों में झाड़ू लिए दिखाई दे रही हैं। एक महिला द्वारा पुलिसकर्मी के हाथ से राइफल छीनने की कोशिश किए जाने का दृश्य भी सामने आया है। हालांकि बाद में ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया।
घटना के बाद अंचलाधिकारी अनशन स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत कर आमरण अनशन समाप्त करने की अपील की। ग्रामीण हालांकि अपनी मांग पर कायम रहे।
एसडीएम प्रियंका कुमारी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर एकत्र हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जा चुका है और विभागीय निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सरकार की ओर से आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।
एसडीएम ने कहा कि प्रशासन को अंचलाधिकारी को बंधक बनाए जाने की सूचना मिली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व विधायक विजय सम्राट ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए क्षेत्र को बाढ़ग्रस्त घोषित करने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पूरे इलाके में पानी भरा हुआ है और लोगों की स्थिति गंभीर है




