होम उत्तर प्रदेश अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा मामले में आठ आरोपियों पर चार्जशीट

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा मामले में आठ आरोपियों पर चार्जशीट

0

अयोध्या, 25 सितंबर। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में अयोध्या पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है।

     पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में CCTV फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस का दावा है कि CCTV फुटेज में आरोपियों द्वारा चढ़ावे की रकम हटाने और एक-दूसरे की मदद करने की घटनाएं दर्ज हैं।

      रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 की विवेचना क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने पूरी की। इसके बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है।

CCTV फुटेज में रकम हटाने का दावा

      पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और आरोपियों द्वारा एक-दूसरे का सहयोग करने की घटनाएं सामने आईं। विवेचना रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर उसे कपड़ों और कमर में छिपाते हुए दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक, वह चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते हुए भी फुटेज में नजर आया।

      इसी तरह करुणेश पाण्डेय के बारे में पुलिस ने दावा किया है कि वह दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिए। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने का आरोप है।

      पुलिस के अनुसार, लवकुश मिश्रा एक बार रकम हटाते और 52 बार अन्य आरोपियों का सहयोग करते दिखाई दिए, जबकि मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा के बारे में भी पुलिस ने एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए CCTV में दिखाई देने का दावा किया है।

       चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी और सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाने की घटनाएं होती रहीं और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे उनके अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं।

बाथरूम में छिपाई गई थी 2.25 लाख रुपये की रकम

        विवेचना रिपोर्ट के अनुसार, 4 जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपये की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस का कहना है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने इस घटना का वीडियो और संदेश तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल फोन पर भेजा था।

        पुलिस के मुताबिक, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और प्रवेश द्वार पर जांच शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी। अगले दिन कारसेवकपुरम में CCTV फुटेज की जांच के दौरान मामले की जानकारी सामने आई। इसके बाद 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया।

नकदी, विदेशी मुद्रा और आभूषण बरामद करने का दावा

        पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए गए।

        इसी तरह करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये नकद बरामद किए जाने की बात चार्जशीट में कही गई है। मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने का पुलिस ने उल्लेख किया है।

       जांच के दौरान पुलिस ने विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटर साइकिल समेत कई वाहनों को जब्त किए जाने की जानकारी दी है।

जमीन, मकान और वाहनों में रकम लगाने का आरोप

        पुलिस ने चार्जशीट में कथित गबन से प्राप्त रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किए जाने का भी दावा किया है।

        रिपोर्ट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपये का मकान खरीदा गया। पुलिस का दावा है कि इसमें करीब 54.5 लाख रुपये अपराध से अर्जित रकम से खर्च किए गए। इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपये भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात भी विवेचना में सामने आने का उल्लेख है।

        लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपये की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपये खर्च करने का आरोप है। वहीं रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपये का प्लॉट खरीदने के साथ महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां खरीदे जाने का भी चार्जशीट में उल्लेख किया गया है।

        रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर अपने बेटे के नाम 9.50 लाख रुपये की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है।

133 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्य शामिल

         पुलिस की चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं।

        जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, WhatsApp चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को भी साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क तथा रकम को छिपाने और बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत होने का दावा किया गया है।

सभी आठ आरोपी न्यायिक हिरासत में

        मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

      पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और अदालत में साक्ष्यों तथा आरोपों पर सुनवाई के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।