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दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन पूरी, अब आसान होगा आवागमन और लौह अयस्क परिवहन

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रायपुर, 25 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों के लिए रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। 17.5 किलोमीटर लंबे ताड़ोकी–रावघाट रेलखंड के पूरा होने के साथ ही 95 किलोमीटर लंबी दल्ली राजहरा–रावघाट रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है।

      इस रेल परियोजना से रावघाट और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ शहरों, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान होगी।

      दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन के पूरा होने से दल्लीराजहरा और रावघाट के बीच रेल संपर्क स्थापित हो गया है। दल्लीराजहरा से ताड़ोकी के बीच पहले से ही यात्री रेल सेवा संचालित है। अब ताड़ोकी–रावघाट रेलखंड के पूरा होने से इस पूरे रेल मार्ग की कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है।

       इस रेल संपर्क का लाभ रायपुर, भिलाई सहित छत्तीसगढ़ के अन्य प्रमुख क्षेत्रों तक आवागमन में भी मिलेगा। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

      रेल लाइन के निर्माण से कृषि और स्थानीय व्यापार को भी गति मिलने की संभावना है। क्षेत्र में उत्पादित कृषि उपज और अन्य स्थानीय व्यावसायिक वस्तुओं के परिवहन में सुविधा होगी, जिससे स्थानीय बाजारों तक पहुंच बेहतर होगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।

     इस परियोजना का औद्योगिक दृष्टि से भी विशेष महत्व है। रावघाट क्षेत्र से भिलाई इस्पात संयंत्र तक लौह अयस्क के परिवहन में रेल मार्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे लौह अयस्क की ढुलाई अधिक सुगम होगी और भिलाई इस्पात संयंत्र को आवश्यक लॉजिस्टिक सहयोग मिलेगा।

     बेहतर रेल संपर्क से रावघाट और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन तथा निवेश की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिल सकता है। परिवहन सुविधाओं के विस्तार से नए आर्थिक अवसर पैदा होने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार की गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।