रायपुर, 28 सितंबर। राजधानी रायपुर में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) छत्तीसगढ़ राज्य परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय एमएसएमई कॉन्क्लेव 2.0 का सोमवार को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने शुभारंभ किया।
“नवाचार एवं सतत औद्योगिक विकास द्वारा एमएसएमई का सशक्तिकरण” विषय पर आयोजित इस कॉन्क्लेव में पहले दिन 250 से अधिक उद्यमियों, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कॉन्क्लेव में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, वित्तपोषण, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार करने तथा उनकी विकास संबंधी चुनौतियों के समाधान पर संवाद को आगे बढ़ाना रहा।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक और आर्थिक विकास में छोटे उद्योगों, कारखानों और कार्यशालाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र के विस्तार के लिए बेहतर कानून-व्यवस्था, सुगम सड़क संपर्क और त्वरित सरकारी स्वीकृतियां जरूरी हैं। राज्य सरकार इन क्षेत्रों में उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए उद्योग नीति तैयार की है, जिसमें एमएसएमई के साथ समावेशी औद्योगिक विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की औद्योगिक विकास नीति के केंद्र में एमएसएमई क्षेत्र है। सरकार का प्रयास है कि बस्तर और सरगुजा सहित राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के उद्यमियों को भी उद्योग स्थापना और संचालन से जुड़ी सेवाएं उसी सहजता और तेजी से मिलें, जैसी सुविधाएं राजधानी रायपुर में उपलब्ध हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में तैयार भूमि और प्लग-एंड-प्ले अधोसंरचना विकसित होने से छोटी औद्योगिक इकाइयों को जल्द उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी। इससे उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जा सकेगा।
औद्योगिक मूल्य-श्रृंखला की रीढ़ हैं एमएसएमई
सीआईआई छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के चेयरमैन एवं बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड के निदेशक बजरंग गोयल ने एमएसएमई को राज्य की औद्योगिक मूल्य-श्रृंखला की रीढ़ बताया। उन्होंने कहा कि सीआईआई उद्योग और शासन के बीच सेतु के रूप में अपनी भूमिका निभाता रहेगा और उद्योगों से जुड़े मुद्दों तथा सुझावों को सरकार तक पहुंचाने का काम जारी रखेगा।
सीआईआई छत्तीसगढ़ एमएसएमई पैनल के संयोजक एवं आरती स्पंज एंड पावर लिमिटेड के निदेशक आदित्य मूंदड़ा ने कहा कि तकनीक, वित्त और अनुपालन सुधार एमएसएमई क्षेत्र के विकास के तीन महत्वपूर्ण आधार हैं। वहीं, सीआईआई छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के वाइस चेयरमैन एवं अविनाश ग्रुप के प्रबंध निदेशक आनंद सिंघानिया ने कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त किया।
एमएसएमई के वित्तपोषण पर चर्चा
कॉन्क्लेव के दौरान “एमएसएमई विकास का वित्तपोषण” विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के संयुक्त सचिव विनम्र मिश्रा ने एमएसएमई क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर हुई प्रगति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक 7.3 करोड़ से अधिक उद्यम पंजीयन किए जा चुके हैं और क्रेडिट गारंटी योजना के तहत एक करोड़ गारंटी का आंकड़ा पार हो चुका है। उन्होंने अप्रैल 2025 से लागू संशोधित एमएसएमई वर्गीकरण सीमाओं की भी जानकारी दी।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर उद्योग प्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
“एमएसएमई विकास हेतु ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर उद्योग दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित सत्र में उद्योग संचालनालय, छत्तीसगढ़ शासन के संचालक प्रभात मलिक ने राज्य में सिंगल-विंडो प्रणाली, समयबद्ध स्वीकृतियों और अनुपालन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
प्रश्नोत्तर सत्र में उद्योग प्रतिनिधियों ने स्वीकृतियों की समय-सीमा, निरीक्षण व्यवस्था, भूमि आवंटन और लंबित भुगतानों सहित विभिन्न व्यावहारिक समस्याओं को उठाया। इस दौरान उद्योग जगत की ओर से प्रक्रियाओं को और सरल बनाने तथा स्वीकृतियों में होने वाले विलंब को कम करने से जुड़े सुझाव दिए गए।
सत्र में क्रेडाई के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (आरएडीए) के अध्यक्ष कैलाश खेमानी और छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने भी उद्योग जगत से जुड़े व्यावहारिक सुझाव रखे।
सीआईआई के अनुसार, कॉन्क्लेव के दौरान प्राप्त प्रमुख सुझावों को संकलित कर राज्य शासन को सौंपा जाएगा। दो दिवसीय आयोजन में एमएसएमई क्षेत्र के लिए वित्त, तकनीक, नवाचार, सरकारी प्रक्रियाओं और सतत औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर आगे भी चर्चा होगी।




