रायपुर, 1 अक्टूबर। चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने राज्य की मतदाता सूची में हुई कमी पर सवाल उठाए हैं।
श्री अकबर ने आज यहां जारी बयान में कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल मतों का अंतर 6 लाख 32 हजार 382 यानी 4.04 प्रतिशत था, जबकि एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची में 24 लाख 99 हजार 823 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई है।
श्री अकबर के अनुसार, यह संख्या दोनों प्रमुख दलों के बीच मतों के अंतर की करीब चार गुना है। इनमें 19 लाख 13 हजार 540 मतदाताओं को ‘शिफ्टेड’ या ‘एब्सेंट’ श्रेणी में रखा गया है। उन्होंने कहा कि इनमें ऐसे लोग भी हो सकते हैं, जो रोजगार, शिक्षा या अन्य कारणों से अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं थे।
पूर्व मंत्री ने कहा कि केवल घर पर अनुपस्थित रहने अथवा गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होने के आधार पर किसी व्यक्ति को स्थायी रूप से अनुपस्थित या मतदाता के रूप में अपात्र मानना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने से पहले संबंधित नागरिक को नोटिस, अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
श्री अकबर ने निर्वाचन आयोग से ‘शिफ्टेड’ और ‘एब्सेंट’ श्रेणी में रखे गए मतदाताओं के मामलों की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं मिला, उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए। जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में पुनः जोड़ने की कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा निर्वाचन आयोग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मतदाता सूची का पुनरीक्षण वास्तविक त्रुटियों को दूर करने के उद्देश्य से होना चाहिए, ताकि किसी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो।




