हिमालयी क्षेत्र में मौसम की स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने ट्रैकिंग और पर्वतारोहण को लेकर नई व्यवस्था की है। गोमुख और गंगोत्री ग्लेशियर की ऊंची चोटियों पर जाने की अनुमति दी गई है, जबकि तपोवन और केदारताल के रास्ते फिलहाल सामान्य ट्रैकर्स के लिए बंद रहेंगे।
वन विभाग ने गोमुख और गंगोत्री ग्लेशियर की ऊंची चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोल दिया है। हालांकि अभी तपोवन व केदारताल ट्रैक को सामान्य ट्रैकर्स के लिए बंद रखा गया है। अधिकारियों ने मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गए लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है।
बीते माह के अंतिम सप्ताह में गोमुख सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने के कारण करीब दो सौ से अधिक ट्रैकर्स व पर्वतारोही फंस गए थे। उसके बाद शासन-प्रशासन की ओर से हेली रेस्क्यू चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया था। उसके बाद उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग व पर्वतारोहण पर रोक लगा दी गई थी।
सूचना व अलर्ट के साथ भेजा जा रहा
गंगोत्री नेशनल पार्क के रेंज अधिकारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि बीते रविवार को गोमुख तक ट्रैकिंग के लिए अनुमति दी जा रही है लेकिन तपोवन और केदारताल की ट्रैकिंग अभी बंद ही रखी गई है। क्योंकि उन दोनों ट्रैक पर अधिक बर्फ जमा है।
इसके साथ ही उच्च हिमालयी चोटियों के पर्वतारोहण की अनुममि वन विभाग मुख्यालय से दी जाती है। इसलिए पर्वतारोहियों के दलों को मौसम की चेतावनी के साथ सूचना व अलर्ट के साथ भेजा जा रहा है। कहा कि नेलांग-जादूंग सहित गड़तालगली पर्यटकों के लिए खुला है।




