रायपुर, 16 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तारीख घोषित नहीं होने पर कांग्रेस ने निशाना साधते हुए राज्य सरकार से दीपावली के पहले खरीदी शुरू करने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आज यहां जारी बयान में कहा कि यदि दीपावली से पहले धान खरीदी शुरू नहीं हुई, तो किसानों के हाथ खाली रह जाएंगे। ऐसे में वे साल का सबसे बड़ा त्योहार कैसे मना पाएंगे? उन्होंने मांग की कि सरकार जल्द धान खरीदी शुरू करे। यदि तैयारियां पूरी नहीं हैं, तो किसानों के खातों में अग्रिम राशि जमा की जाए और धान खरीदी के समय इस राशि का समायोजन कर लिया जाए।
श्री शुक्ला ने कहा कि दीपावली के अवसर पर कामगारों और कर्मचारियों को बोनस एवं अग्रिम राशि देने की परंपरा रही है। इसी तर्ज पर सरकार को भी किसानों की आर्थिक जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी एक नवंबर से शुरू की जानी चाहिए, क्योंकि तब तक किसानों की फसल खेतों से खलिहानों में पहुंचकर बिक्री के लिए तैयार हो जाती है। इसके बावजूद सरकार ने अब तक खरीदी की तारीख घोषित नहीं की है, जिससे किसानों में चिंता बनी हुई है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद से राज्योत्सव के अवसर पर धान खरीदी शुरू करने की परंपरा रही है, लेकिन साय सरकार पिछले दो वर्षों से करीब 15 दिन की देरी से खरीदी शुरू कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसा कम किसानों का धान खरीदने के उद्देश्य से कर रही है। शुक्ला ने कहा कि इस वर्ष भी सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं दिख रही है और खरीदी की तारीख घोषित नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ रही है।
धान के समर्थन मूल्य को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार से किसानों के हित में निर्णय लेने की मांग की है। श्री शुक्ला ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में केंद्र सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में कुल 258 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर का वादा किया गया था। कांग्रेस की मांग है कि इस राशि में 258 रुपये जोड़कर किसानों को 3358 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जाए।




