नई दिल्ली, 20 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के नागपुर में विजयादशमी उत्सव के अवसर पर दिए गए संबोधन की सराहना की है।
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए प्रधानमंत्री ने उनके विचारों को प्रेरणादायी बताया। उन्होंने कहा कि संबोधन में राष्ट्रीय प्रगति, सामाजिक एकता, आत्मनिर्भरता और समाज के चरित्र को मजबूत बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा के प्रति राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सेवा और राष्ट्र निर्माण की भावना संघ के प्रत्येक स्वयंसेवक के कार्यों का महत्वपूर्ण आधार है।
श्री मोदी ने संघ की ‘पंच परिवर्तन’ की अवधारणा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में सार्थक योगदान दिया जा सकता है। उन्होंने सामाजिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास के लिए इस विचार की प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री ने डॉ. भागवत के संबोधन में आत्मनिर्भरता की आवश्यकता और समाज के नैतिक एवं सामाजिक चरित्र को सुदृढ़ बनाने पर दिए गए जोर को भी उल्लेखनीय बताया। उनके अनुसार, राष्ट्रीय प्रगति के साथ सामाजिक एकता को मजबूत करना देश के समग्र विकास के लिए आवश्यक है।




