रामगंज (अमेठी), 21 अक्टूबर। ग्रुप केन्द्र अमेठी में बुधवार को पुलिस स्मरण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर देश की रक्षा और कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कार्मिकों ने शहीदों के अदम्य साहस, वीरता और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत परिसर स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। आरटीसी अमेठी के कमांडेंट विनय कुमार त्रिपाठी तथा ग्रुप केन्द्र के कमांडेंट मनीष कुमार मीणा ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद परिसर के सभी अधिकारियों और कार्मिकों ने भी पुष्प अर्पित कर अपने शहीद साथियों को नमन किया। इस दौरान गार्ड द्वारा शोक शस्त्र प्रस्तुत किया गया और सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में स्टेशन सीनियर अधिकारी एवं कमांडेंट विनय कुमार त्रिपाठी ने 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 तक देश के विभिन्न पुलिस बलों में शहीद हुए अधिकारियों और जवानों के नामों का वाचन किया। इस दौरान उनके सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
श्री त्रिपाठी ने पुलिस स्मरण दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सेना ने अचानक हमला किया था। इस हमले के दौरान तीसरी बटालियन के जवानों ने दुश्मन के स्वचालित हथियारों का बहादुरी से मुकाबला किया। संख्या में कम होने के बावजूद जवानों ने अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया तथा मातृभूमि की रक्षा करते हुए अपने 10 वीर साथियों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
उन्होंने कहा कि पुलिस स्मरण दिवस देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के त्याग, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा को याद करने का अवसर है।
इस अवसर पर ग्रुप केन्द्र एवं आरटीसी अमेठी के समस्त राजपत्रित अधिकारी, अधीनस्थ अधिकारी और कार्मिक उपस्थित रहे।




