महासमुंद, 24 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महासमुंद जिले के बसना विकासखंड के गढ़फुलझर में बाबा बिशासहे कुल कोलता समाज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन कार्यक्रम में शामिल होकर 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम निर्माण कराने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़फुलझर के विकास के लिए वर्ष 2024 में किए गए वादे अब पूरे हो रहे हैं। क्षेत्र में 48 लाख रुपये की लागत से मानसरोवर तालाब का सौंदर्यीकरण तथा करीब 3.50 करोड़ रुपये की लागत से लगभग पौने दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इन कार्यों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के साथ सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
श्री साय ने कोलता समाज की सराहना करते हुए कहा कि कृषि, शिक्षा, सेवा और सामाजिक क्षेत्र में समाज का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता से लागू कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनाए जा रहे हैं, जबकि महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सुशासन और पारदर्शिता के लिए तकनीक के उपयोग का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल के जरिए नागरिकों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने पर्यटन विकास और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।
कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने गढ़फुलझर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि सर्वमंगल भवन सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करेगा। उन्होंने किसानों के हितों के लिए केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की भी सराहना की।
महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने गढ़फुलझर को आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए इसके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने मां रामचंडी मंदिर में सीढ़ियों के लिए शेड निर्माण हेतु सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।




