लखनऊ, 30 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन सीटों पर समाजवादी पार्टी को मिली जीत के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए दावा किया कि इस चुनाव का परिणाम केवल पांच सीटों पर हार-जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा को प्रदेश के करीब 50 जिलों में जनता की नाराजगी का सामना करना पड़ा है।
श्री यादव ने सपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की यह जीत कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन का परिणाम है। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि बड़े-बड़े दावे करने और चुनावी माहौल बनाने वाले लोग इस बार धड़ाम से गिर गए। उनके मुताबिक, चुनाव परिणामों ने प्रदेश में भाजपा के प्रति जनता के रुख को उजागर किया है।
सपा अध्यक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग और बेईमानी करके छह सीटों पर जीत हासिल की है। उनका दावा था कि यदि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से कराए जाते तो परिणाम कुछ और होते। अमरोहा में 94 प्रतिशत मतदान को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद कुछ अधिकारियों की भूमिका की जांच हो सकती है।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा की हार को लेकर अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का उल्लेख करते हुए तंज कसा। उन्होंने इसे ‘डबल इंजन की डबल हार’ बताया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘काशी भले ही डूब जाए, पर गोरखधंधा बंद न हो।’
श्री अखिलेश ने दावा किया कि इस चुनाव में महिलाओं, व्यापारियों और महिला शिक्षकों सहित समाज के विभिन्न वर्गों ने भाजपा के खिलाफ मतदान किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों से स्पष्ट है कि जनता के बीच समाजवादी पार्टी को समर्थन मिला है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने संबंधी बयान पर भी अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 2027 के बाद भाजपा की स्थिति ऐसी नहीं रहेगी कि वह यूसीसी लागू कर सके। अखिलेश के अनुसार, आगामी विधानसभा चुनाव का मुख्य मुद्दा नफरत और भाईचारे के बीच होगा तथा जनता सांप्रदायिक राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।




