जगदलपुर, 2 नवंबर। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में देश के युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी। स्वतंत्रता की शताब्दी के अवसर पर भारत की विकास यात्रा का नेतृत्व आज की युवा पीढ़ी ही करेगी।
डॉ. मांडविया सोमवार को जगदलपुर के कुम्हरावण्ड स्थित शासकीय कृषि महाविद्यालय के सभागार में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने, रोजगार के अवसरों, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू किया गया ‘माय भारत’ (MY Bharat) डिजिटल प्लेटफॉर्म युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध करा रहा है। इसके माध्यम से युवाओं को नवाचार, मार्गदर्शन, स्वयंसेवा और करियर निर्माण के नए अवसर मिल रहे हैं। सरकार का लक्ष्य देशभर में एक लाख युवा नेतृत्वकर्ता तैयार करना है, जो भविष्य में नीति निर्माण, सामाजिक बदलाव और जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा केवल सरकारी प्रयासों से पूरी नहीं हो सकती। इसके लिए युवाओं की ऊर्जा, रचनात्मक सोच, नवाचार और जिम्मेदार नागरिक के रूप में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। युवा जिस भी क्षेत्र में कार्य करें, उनके सामने राष्ट्रहित का उद्देश्य सर्वोपरि रहना चाहिए।
डॉ. मांडविया ने युवाओं से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा निर्धारित पंच प्रण को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति पाने, अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व करने, देश की एकता एवं एकजुटता को मजबूत बनाने और नागरिक कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन संकल्पों को व्यवहार में उतारकर ही एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण किया जा सकता है।
युवा संवाद के दौरान लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी का विषय भी प्रमुखता से उठा। केंद्रीय मंत्री ने छात्र प्रांजल से मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मजबूत लोकतंत्र के लिए मतदाता सूची का पारदर्शी, शुद्ध और त्रुटिरहित होना जरूरी है। निष्पक्ष चुनाव और जागरूक मतदाता लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद हैं। युवाओं को न केवल मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक होना चाहिए, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अपनी जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि युवाओं को लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रियाओं से जोड़ने के उद्देश्य से देश के शैक्षणिक संस्थानों में युवा संवाद कार्यक्रमों की श्रृंखला लगातार आयोजित की जाएगी। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचार रखने, राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करने और सामाजिक एवं लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर डॉ. मांडविया ने बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं की भी सराहना की। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात का उल्लेख करते हुए कहा कि बस्तर प्राकृतिक संपदा और पर्यटन की दृष्टि से बेहद समृद्ध क्षेत्र है। यहां पर्यटन विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं, जिनका समुचित उपयोग क्षेत्र की आर्थिक प्रगति और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर के युवा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने और विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने युवाओं से देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की अपील की तथा उपस्थित युवाओं को राष्ट्र सेवा की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर बस्तर के सांसद महेश कश्यप और जगदलपुर के विधायक किरण देव सिंह ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यार्थियों से शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, युवा तथा विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




