होम छत्तीसगढ़ महादेव सट्टा एप केस: दुबई में रवि उप्पल भी गिरफ्तार

महादेव सट्टा एप केस: दुबई में रवि उप्पल भी गिरफ्तार

0

रायपुर/नई दिल्ली, 04 नवम्बर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में जांच एजेंसियों ने एप के सह-संस्थापक और सौरभ चंद्राकर के करीबी कारोबारी सहयोगी रवि उप्पल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है। भारतीय जांच एजेंसियां अब उसे प्रत्यर्पित कर भारत लाने की तैयारी में जुट गई हैं। यह घटनाक्रम महादेव सट्टा नेटवर्क के कथित सरगना सौरभ चंद्राकर को ओमान से भारत लाए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है।

     प्राप्त जानकारी के अनुसार, 46 वर्षीय रवि उप्पल को भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर दुबई अधिकारियों ने गिरफ्तार किया है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की ओर से उसकी गिरफ्तारी के संबंध में भारत सरकार को आधिकारिक सूचना नहीं दी गई थी। भारतीय एजेंसियों को इसकी जानकारी अनौपचारिक माध्यमों से मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) आपसी समन्वय से उप्पल को भारत लाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहे हैं।

      रवि उप्पल की गिरफ्तारी को महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के खिलाफ जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। उसे इस कथित सट्टेबाजी सिंडिकेट का प्रमुख संचालक और सौरभ चंद्राकर का व्यावसायिक साझेदार बताया जाता है। दोनों छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं। जांच एजेंसियों को लंबे समय से दोनों की तलाश थी। उप्पल के खिलाफ इंटरपोल ने अक्टूबर 2023 में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। दिसंबर 2023 में भी उसे दुबई में हिरासत में लिया गया था, लेकिन करीब 45 दिन बाद रिहा कर दिया गया था।

     इधर, महादेव सट्टा एप मामले के दूसरे प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर को बुधवार को रायपुर की विशेष CBI अदालत ने आठ दिन की रिमांड पर केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंप दिया। सीबीआई ने उससे पूछताछ के लिए अदालत से 10 दिन की हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने आठ दिन की रिमांड मंजूर की। उसे 12 नवंबर को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।

    सौरभ चंद्राकर को एक नवंबर को ओमान से भारत लाया गया था। इसके बाद दिल्ली की अदालत से ट्रांजिट रिमांड मिलने पर सीबीआई उसे रायपुर लेकर पहुंची। बुधवार को विशेष अदालत में पेशी के दौरान जांच एजेंसी ने महादेव सट्टा नेटवर्क के संचालन, आर्थिक लेनदेन और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल के लिए हिरासत मांगी थी। अदालत ने सीबीआई को उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाने की अनुमति भी दी है।