नई दिल्ली/ रायपुर 8 नवंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दीपावली का पर्व छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों के साथ मनाएंगे।
प्रधानमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर अपने बस्तर दौरे की जानकारी साझा की। उन्होंने बस्तर में नक्सलवाद के प्रभाव से विकास की ओर हुए बदलाव का उल्लेख करते हुए वीर जवानों के बलिदान, त्याग और तपस्या को नमन करने की बात कही है। प्रधानमंत्री के इस निर्णय से सुरक्षा बलों के जवानों में उत्साह का माहौल है। वहीं, उनके बस्तर दौरे को लेकर प्रदेश में भी उत्सुकता बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर अपने संदेश में लिखा, “दीपावली के पावन अवसर पर बस्तर जा रहा हूं। कल तक जहां नक्सलियों का कहर था, वहां आज विकास की बहार है। वीर जवानों, उनके बलिदान, त्याग और तपस्या को नमन करने जा रहा हूं।”
प्रधानमंत्री के इस संदेश में बस्तर में आए बदलाव के साथ ही सुरक्षा बलों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। उनका यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर में अब शांति, सुरक्षा और विकास को नई गति देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
साय ने किया प्रधानमंत्री के निर्णय का स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
मुख्यमंत्री साय ने लिखा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ की जनता के प्रति विशेष स्नेह और आत्मीय लगाव सदैव प्रेरणादायी रहा है। उनके यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में बस्तर भय और हिंसा के अंधकार से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए उजाले की ओर बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दीपावली के पावन अवसर पर वीर जवानों के बीच प्रधानमंत्री की उपस्थिति उनके अदम्य साहस, त्याग और समर्पण का सम्मान है। इससे जवानों का मनोबल बढ़ेगा। उन्होंने इस शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं दीं।
श्री साय ने कामना की कि प्रधानमंत्री का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन छत्तीसगढ़ को निरंतर मिलता रहे। प्रधानमंत्री का बस्तर पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाने का निर्णय न केवल जवानों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि बस्तर में शांति और विकास के बदलते परिदृश्य को भी राष्ट्रीय स्तर पर रेखांकित करता है।




