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जानिए चाणक्‍य नीति, बुरे वक्‍त से पहले के संकेतों के बारे में

कहते हैं कि बुरा वक्‍त कहकर नहीं आता है लेकिन आसपास की घटनाओं पर ध्‍यान दें तो इसके आने के संकेत समझ सकते हैं. चाणक्‍य नीति में बुरे वक्‍त से पहले के संकेतों के बारे में बताया गया है.

चाणक्‍य नीति में सफल जीवन पाने के गुर भी बताए गए हैं, साथ ही ऐसे संकेतों के बारे में भी बताया है जो अच्‍छे-बुरे वक्‍त शुरू होने से पहले मिलते हैं. आचार्य चाणक्‍य ने अपने नीतिशास्‍त्र में बताया है कि आर्थिक संकट आने से पहले घर में कुछ संकेत मिलने लगते हैं. इन संकेतों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए और सतर्क हो जाना चाहिए. आइए ऐसे संकेतों के बारे में जानते हैं जो आर्थिक संकट का इशारा देते हैं.

तुलसी का पौधा सूखना: घर में लगे तुलसी के हरे-भरे पौधे का अचानाक सूख जाना अच्‍छा संकेत नहीं है. यह बताता है कि आपको आर्थिक नुकसान हो सकता है या तंगी का शिकार होना पड़ सकता है. इसके अलावा कोई अन्‍य मुसीबत भी आ सकती है. ऐसे में तुलसी का सूखा पौधा हटाकर नया पौधा लगाएं. उसकी रोज पूजा करें और ईष्‍ट देव से सब कुछ अच्‍छा करने की प्रार्थना करें.

घर में रोजाना झगड़े होना: यदि घर में रोज-रोज झगड़े होने लगें तो यह अच्‍छा संकेत नहीं है. ऐसे घर में कभी भी मां लक्ष्‍मी वास नहीं करती हैं. घर की नकारात्‍मक ऊर्जा को दूर करने के लिए रोज सुबह-शाम कपूर जलाएं और पूजा-पाठ करें.

बार-बार दूध गिरना: घर में यदि रोज-रोज दूध गिरे या बार-बार शीशा टूटे तो यह अच्‍छा नहीं है. यह किसी संकट के आने का संकेत देता है. यह आर्थिक परेशानी का भी संकेत है.

घर के लोगों की नींद उड़ जाना: घर के लोगों की नींद उड़ जाना भी अच्‍छा संकेत नहीं है. यह वास्‍तु दोष की ओर इशारा करता है आर्थिक तंगी ला सकता है.