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उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटना रेल कर्मियों की लापरवाही का नतीजा ?

मुज़फ्फ़रनगर 20 अगस्त।उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फ़रनगर में कल शाम उत्कल एक्सप्रेस के 14  डिब्बे पटरी से उतरने की घटना के बाद बचाव कार्य खत्म हो गया है,और रेल यातायात बहाल करने के लिए तेजी से काम चल रहा है।अभी तक सामने आए तथ्यों के अनुसार यह दुर्घटना रेलवे की लापरवाही के चलते घटी है।

इस दुर्घटना में 23 लोगो की मौत हुई है और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे,जिनका विभिन्न सरकारी एवं निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।स्थानीय प्रशासन और रेलकर्मियों ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल और पीएसी की मदद से राहत और बचाव कार्य चलाया। रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि बचाव कार्य समाप्त हो गया है।

दुर्घटना के बाद अम्बाला-मेरठ-सहारनपुर मार्ग पर स्थगित रेल सेवाओं को शुरू करने के लिए तेजी से काम हो रहा है।देर रात तक यातायात फिर शुरू हो सकता है।रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने घटना की जांच के आदेश दिये हैं।उन्होने मारे गये लोगों के परिजनों के लिये साढ़े तीन-तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। गम्भीर रूप से घायलों को 50-50 हज़ार रुपये और मामूली रूप से घायलों को 25-25 हज़ार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रूपये और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये देने की घोषणा की है।

इस घटना के बाद जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार यह घटना रेल कर्मचारियों की गंभीर लापरवाही का नतीजा है।प्रत्यदर्शियों के अनुसार दुर्घटना स्थल पर पिछले दो दिन से रेल पटरी पर काम चल रहा था,लेकिन इसके बावजूद ट्रेन की गति काफी ज्यादा थी।ट्रेन चालक को पटरी पर काम चलने और गति धीमी रखने का कासन नही दिया गया था।खतौली के स्टेशन मास्टर ने कुछ समाचार चैनलों पर दावा किया है कि पटरी पर काम चलने की उन्हे जानकारी नही थी।फिलहाल जांच के बाद ही सही तथ्य सामने आयेंगे।

रेल कर्मियों की लापरवाही की खबरों को गंभीरता से लेते हुए रेल मंत्री ने आज शाम तक ही शुरूआती जांच रिपोर्ट तलब कर ली है।

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