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अमेरिका: विदेश विभाग के लिए नामित सहायक सचिव ने भारत पर लगे आरोपों को बताया चिंताजनक

लोकतंत्र, मानवाधिक और श्रम के लिए राज्य के सहायक सचिव पद के लिए नामित डैफना होचमैन रैंड ने सीनेट की विदेश मामलों से संबंधित समिति के सदस्यों से कहा कि अमेरिकी और कनाडाई धरती पर जो हुआ, वह चिंताजनक है। समिति की अध्यक्षता सीनेटर बेन कार्डिन ने की।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय में वरिष्ठ मानवाधिकार राजनयिक पद पर नामित अधिकारी ने सीनेट में भारत पर लगे आरोपों पर चिंता जाहिर की। बता दें, अमेरिका और कनाडा का आरोप है कि भारत उनके जमीन पर खालिस्तानी आतंकियों के हत्या और हत्या के प्रयास में शामिल है। लोकतंत्र, मानवाधिक और श्रम के लिए राज्य के सहायक सचिव पद के लिए नामित डैफना होचमैन रैंड ने सीनेट की विदेश मामलों से संबंधित समिति के सदस्यों से कहा कि अमेरिकी और कनाडाई धरती पर जो हुआ, वह चिंताजनक है। समिति की अध्यक्षता सीनेटर बेन कार्डिन ने की।

लोकतांत्रिक हितों की रक्षा करने की आवश्यकता
कॉर्डिन ने रैंड से पूछा कि मैं भारत के मामले में आपकी प्रतिबद्धता सुनना चाहता हूं। इस पर उन्होंने कहा कि मैं भारत को कटघरे में खड़ा करना चाहता हूं। उन्होंने आगे कहा कि हमें यह ध्यान देना होगा कि भारत हमारा एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। भारत सबसे पुराना और सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लेकिन हमें लोकतांत्रिक हितों की रक्षा करने की आवश्यकता है, जो हमारी साझेदारी का बेस है। उन्होंने कहा कि जहां तक कनाडा में भारत पर लगे आरोपों का सवाल तो मैं साफ करूंगा कि कनाडा ने लगातार भारत विरोधी चरमपंथियों और हिंसाओं को पनाह दी। यही हमले का मूल हो सकता है। भारत के साथ हम सच्चाई की बात करते हैं। इस वजह से हम भारत के साथ खुलकर अपनी चिंताओं पर बात कर सकते हैं। मैं बात करने में शर्मिंदा नहीं हूं।

कनाडाई पीएम ने भारत सरकार पर लगाए आरोप
विदेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले साल आरोप लगाए थे कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत सरकार का हाथ हो सकता है। ट्रूडो ने कहा था कि कनाडाई सुरक्षा एजेंसियों के पास यह मानने के कारण है कि भारत सरकार के एजेंटों ने ही निज्जर की हत्या की है। कनाडाई एजेंसियां निज्जर की हत्या में भारत की साजिश की संभावनाओं की जांच कर रही हैं। ट्रूडो ने जोर दिया कि कनाडा की धरती पर कनाडाई नागरिक की हत्या में किसी भी प्रकार की संलिप्तता अस्वीकार्य है।

अमेरिका में भारत पर यह आरोप
अमेरिका के न्याय विभाग के अनुसार, 52 वर्षीय निखिल गुप्ता एक भारतीय नागरिक हैं। 30 जून 2023 को चेक रिपब्लिक में गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब चेक रिपब्लिक से निखिल गुप्ता को अमेरिका प्रत्यर्पण किया जाएगा। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि भारत के एक सरकारी अधिकारी, जिसके नाम का खुलासा नहीं हुआ है, वह निखिल गुप्ता और अन्य उस सरकारी अधिकारी के संपर्क में था। ये लोग अमेरिका में एक राजनीतिक कार्यकर्ता, जो भारतीय मूल का है और अमेरिकी नागरिक है, उसकी हत्या की साजिश रच रहे थे।