MainSlideछत्तीसगढ़

‘चिरायु’ योजना में इस साल अब तक 7440 बच्चों का इलाज

रायपुर 12 मार्च।राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत ‘चिरायु’ योजना में चालू वित्तीय वर्ष में अब तक राज्य में 7440 बच्चों का इलाज किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ‘चिरायु’ योजना के तहत शून्य से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच कर जरुरतमंद बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाता है। बाल स्वास्थ्य की देखभाल के लिए प्रदेश भर में 328 ‘चिरायु’ दल कार्यरत हैं। ये प्रदेश भर के स्कूलों और आंगनबाड़ियों में जाकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर उनकी शारीरिक कमियों व रोगों की पहचान कर निःशुल्क इलाज की व्यवस्था करते हैं।

प्रदेश में वर्ष 2014 से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम संचालित है। इसका उद्देश्य शून्य से 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों में 4-डी यानि डिफेक्ट एट बर्थ, डिसीज, डिफिसिएन्सी एंड डेवलपमेन्ट डिलेस इनक्लुडिंग डिसएबिलिटी की जांच कर शीघ्र उपचार उपलब्ध कराना है। इसके तहत बच्चों में 44 प्रकार की बीमारियों की पहचान व जाँच कर उपचार किया जाता है। जरुरत पड़ने पर उच्च संस्थाओं में रिफर भी किया जाता है। प्रदेश में यह कार्यक्रम ‘चिरायु’ नाम से लोकप्रिय है।

‘चिरायु’ कार्यक्रम के अंतर्गत जन्म से 6 सप्ताह की आयु के नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण डिलीवरी प्वाइंट के स्टॉफ द्वारा, 6 सप्ताह से 6 वर्ष की आयु के बच्चों का आंगनबाड़ी केन्द्रों में और 6 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बच्चों का शासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों में ‘चिरायु’ दलों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। जरुरत पड़ने पर उच्चस्तरीय जाँच व उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रिफर भी किया जाता है।

Related Articles

Back to top button